क्या 258 नक्सलियों ने दो दिन में आत्मसमर्पण किया? अमित शाह का सख्त संदेश!
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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के रास्ते पर चलने वाले लोगों से एक बार फिर हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। गृह मंत्री ने कहा कि गुरुवार को छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने हथियार डाले।
नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का जिक्र करते हुए अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "छत्तीसगढ़ में गुरुवार को 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि बुधवार को 27 नक्सलियों ने हथियार डाले। वहीं महाराष्ट्र में भी बुधवार को 61 नक्सलियों ने हथियार त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।" इस प्रकार पिछले दो दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है।
गृह मंत्री ने कहा, "हिंसा छोड़कर भारत के संविधान में विश्वास पुनर्स्थापित करने का निर्णय लेने वाले सभी की सराहना करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की निरंतर प्रयासों का यह परिणाम है कि नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है।"
उन्होंने कहा, "जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो लोग हथियार उठाए रखेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।"
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के रास्ते पर चल रहे लोगों से अपील की कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं। उन्होंने यह भी बताया कि एक समय आतंक का गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर को अब नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त घोषित किया गया है। अब केवल साउथ बस्तर में कुछ नक्सली बचे हैं, जिन्हें हमारी सुरक्षा बल शीघ्र समाप्त कर देंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को न्यूट्रीलाइज किया गया है।" उन्होंने बताया कि सरकार का दृढ़ संकल्प है कि 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा।