क्या अमित शाह की वजह से देश भय मुक्त है?
सारांश
Key Takeaways
- अमित शाह का प्रभाव भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण है।
- उनके निर्णयों ने शांति और एकता को बढ़ावा दिया है।
- यूसीसी कानून का उद्देश्य समानता है।
- स्वामी अवधेशानंद गिरि का योगदान महत्वपूर्ण है।
- उत्तराखंड में विकास की नई संभावनाएँ हैं।
हरिद्वार, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे पर जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि आज का भारत अमित शाह की वजह से भयमुक्त है।
अमित शाह ने बुधवार को ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका 'कल्याण' के शताब्दी अंक के विमाचन समारोह में भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि अमित शाह एक अजेय व्यक्तित्व हैं। उनमें अद्भुत समझदारी और दूरदर्शिता है, और उनके रणनीतिक दृष्टिकोण के चलते आर्टिकल 370 समाप्त हुआ और राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। आज देश डर से मुक्त है, सनातन धर्म की रोशनी प्रखर है, और हर क्षेत्र में विकास दिखाई दे रहा है। शांति और एकता की भावना है, कोई दंगा या उन्माद नहीं है। यह सब सरकार की देन है। पीएम मोदी के अद्वितीय नेतृत्व में अमित शाह का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के हर कोने में अमित शाह की बहुत इज्जत है।
यूसीसी पर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि यूसीसी के लिए हम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल से आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने राज्य को देश का पहला ऐसा राज्य बनाया है जिसने ऐसा कानून लागू किया है, यह बताते हुए कि सभी समान हैं। एक देश में विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग प्रतीक, कानून या पहचान नहीं हो सकती। इस पहल के लिए हम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बहुत आभारी हैं।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक राष्ट्रीय धरोहर हैं। जब वह पिछले बार गंगा के पवित्र तट पर स्थित परमार्थ निकेतन आए थे, तब मैंने उनके परिवार के साथ गंगा आरती में उनकी संस्कृति के प्रति भक्ति और सम्मान देखा। वह निष्ठा, वह अपने जीवन में जीते हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में, राष्ट्र प्रथम की भावना से देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने देश के लिए सोचकर और सही फैसले लेकर काम किया है। उन्होंने ऐसे निर्णय लिए हैं जो हम सोच भी नहीं सकते थे। वे उत्तराखंड की पवित्र धरती पर हैं, जो दिव्यता की भूमि है। इस धरती पर उन्होंने गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका 'कल्याण' के शताब्दी अंक के विमाचन समारोह में भाग लिया। मुझे विश्वास है कि अमित शाह के बार-बार उत्तराखंड आने से प्रदेश को नई ऊंचाइयाँ मिलेंगी। नए प्रोजेक्ट आएंगे। वे सभी को सुनते हैं, कुछ नया चुनते हैं, और इस बार भी हमें कुछ नया देखने को मिलेगा।