अमोल मिटकरी ने अजित पवार विमान दुर्घटना पर उठाए गंभीर प्रश्न, बीमा लाभ की आशंका
सारांश
Key Takeaways
- अमोल मिटकरी ने विमान हादसे पर गंभीर सवाल उठाए।
- वीएसआर कंपनी ने 50 करोड़ का बीमा कवर लिया था।
- साजिश की आशंका जताई गई है।
- सीबीआई जांच की मांग की गई है।
- मुख्यमंत्री ने अजित पवार की कमी को महसूस किया।
मुंबई, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना पर एनसीपी नेता और विधायक अमोल मिटकरी ने गंभीर प्रश्न उठाते हुए साजिश की आशंका व्यक्त की है। मिटकरी ने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि वीएसआर कंपनी ने दिसंबर 2025 में अपने पायलटों के लिए 50 करोड़ रुपए का बीमा कवर लिया था। यह भी संभव है कि इस दुर्घटना को बीमा लाभ के लालच में अंजाम दिया गया हो।
अमोल मिटकरी ने यह भी मांग की है कि यदि यह आरोप गलत हैं, तो नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को इस पर स्पष्ट जानकारी प्रदान करनी चाहिए और संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान, विधायक अमोल मिटकरी ने कहा कि 'दादा' की उड़ान के लिए जिनका चयन किया गया था, उनमें साहिल मदान और यश शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि दोनों फ्लाइट अटेंडेंट अपने घर जाते समय ट्रैफिक में फंस गए थे। इसके बाद वे कहां रुके, इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। उस स्थान का कोई सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं है और अब तक कोई ठोस जांच नहीं हुई है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि ये दोनों लोग अब कहां हैं। यदि ये दोनों नज़र नहीं आते हैं, तो इस घटना को सामान्य दुर्घटना नहीं माना जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी गलती करता है तो उसे निलंबित किया जाता है, तो फिर महाराष्ट्र के एक प्रमुख नेता से जुड़े ऐसे हादसे में संबंधित कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए?
मिटकरी ने कहा कि वे अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। यदि सीबीआई इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाए और 27 जनवरी के सीसीटीवी फुटेज तथा साहिल मदान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाए, तभी उन्हें संतोष होगा।
इससे पहले, सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अजित पवार ऐसे नेता थे जो महाराष्ट्र के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन राज्य को उनका नेतृत्व उस रूप में कभी नहीं प्राप्त हुआ। उनके जाने से एक खालीपन उत्पन्न हो गया है और अब 'वैक्यूम' शब्द का असली मतलब समझ में आ रहा है।
विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव के दौरान अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खालीपन को भर पाना असंभव है। उन्होंने कहा कि 'दादा' जैसा नेता फिर कभी नहीं देखने को मिलेगा।
फडणवीस ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान अजित पवार हमेशा सबसे पहले विधान भवन पहुंचते थे और अपनी सीट पर उपस्थित रहते थे। सदन की कार्यवाही कितनी भी लंबी क्यों न चले, वह अंत तक अपनी जगह पर डटे रहते थे। यह बहुत पीड़ादायक है कि अब वह हमारे बीच नहीं हैं।