अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय तस्करी मॉड्यूल ध्वस्त: 5.5 किलो हेरोइन, 4 पिस्तौलें और 10 राउंड बरामद, 2 गिरफ्तार

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अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय तस्करी मॉड्यूल ध्वस्त: 5.5 किलो हेरोइन, 4 पिस्तौलें और 10 राउंड बरामद, 2 गिरफ्तार

सारांश

पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी मॉड्यूल ध्वस्त किया — 5.5 किलो हेरोइन और 4 पिस्तौलें बरामद, 2 गिरफ्तार। आरोपी सीमा पार तस्करों के संपर्क में थे और पंजाब में हथियार व नशा वितरित करने की फिराक में थे।

मुख्य बातें

काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 21 मई 2026 को एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।
बरामदगी में 5.5 किलोग्राम हेरोइन , 4 पिस्तौलें और 10 राउंड गोला-बारूद शामिल हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार; प्रारंभिक जांच में सीमा पार तस्करों से संपर्क की पुष्टि।
मामला पुलिस स्टेशन एसएसओसी अमृतसर में दर्ज; नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश जारी।
डीजीपी गौरव यादव ने 'जीरो-टॉलरेंस' नीति दोहराई; और गिरफ्तारियों की संभावना।

पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर टीम ने 21 मई 2026 को एक अंतरराष्ट्रीय नशा और हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 5.5 किलोग्राम हेरोइन, 4 पिस्तौलें और 10 राउंड गोला-बारूद बरामद किया गया है। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की सीमा-पार तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध चल रही मुहिम की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सफलता की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों तथा गोला-बारूद की तस्करी से जुड़े एक मॉड्यूल को तोड़ा है। उन्होंने बताया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों के पास से 5.5 किलोग्राम हेरोइन, 4 पिस्तौलें और 10 राउंड बरामद हुए हैं।

इस मामले में पुलिस स्टेशन एसएसओसी अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों आरोपी सीमा पार के तस्करों के संपर्क में थे और पंजाब में आगे वितरण के लिए हथियारों व नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त कर रहे थे।

नेटवर्क की पृष्ठभूमि

पंजाब में पाकिस्तान से सटी सीमा के जिलों में हेरोइन, चरस, अफीम और अवैध हथियारों की तस्करी वर्षों से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में संगठित अपराध और ड्रोन के जरिए सीमा पार तस्करी की घटनाएँ बढ़ी हैं। इस कार्रवाई में हथियारों की बरामदगी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ये हथियार कथित तौर पर अपराधियों को सप्लाई किए जाने के लिए थे।

पुलिस की प्रतिक्रिया

डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नशीले पदार्थों, अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगे की जांच

पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने तथा अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार इस मॉड्यूल से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। गौरतलब है कि यह पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस इकाई की हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ही आपराधिक पारिस्थितिकी तंत्र के दो पहलू हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ड्रोन के जरिए सीमा पार तस्करी की घटनाएँ बढ़ी हैं और सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव है। असली परीक्षा यह है कि क्या इस गिरफ्तारी से नेटवर्क की ऊपरी कड़ियाँ — यानी सप्लायर और फाइनेंसर — तक पहुँचा जा सकेगा, या यह कार्रवाई भी निचले स्तर के वाहकों तक सीमित रहेगी। पंजाब पुलिस की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति तब तक अधूरी है जब तक मुकदमे दोषसिद्धि तक नहीं पहुँचते।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में तस्करी मॉड्यूल भंडाफोड़ में क्या बरामद हुआ?
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 5.5 किलोग्राम हेरोइन, 4 पिस्तौलें और 10 राउंड गोला-बारूद बरामद किया तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 21 मई 2026 को हुई।
गिरफ्तार आरोपियों का सीमा पार नेटवर्क से क्या संबंध था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों आरोपी सीमा पार के तस्करों के संपर्क में थे और पंजाब में हथियारों व नशीले पदार्थों के वितरण के लिए खेप प्राप्त कर रहे थे। पुलिस अब नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगा रही है।
इस मामले में पुलिस की आगे की जांच क्या होगी?
पुलिस स्टेशन एसएसओसी अमृतसर में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच टीम नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
पंजाब में सीमा पार तस्करी इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
पाकिस्तान से सटी सीमा के कारण पंजाब के कई जिले हेरोइन, अफीम और अवैध हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील रहे हैं। ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाओं ने हाल के वर्षों में इस समस्या को और गंभीर बनाया है।
डीजीपी गौरव यादव ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि पंजाब में नशीले पदार्थों, अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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