जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार का अनंत सिंह पर पलटवार: 'पापड़ पहलवान' और 'महामूर्ख सम्मेलन' वाला तंज
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने 19 सितंबर 2026 को मोकामा विधायक अनंत सिंह पर तीखे शब्दों में पलटवार करते हुए कहा कि वे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के सामने कभी झुकते नहीं। पटना में दिए गए इस बयान ने जेडीयू के भीतर चल रही जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।
नीरज कुमार का सीधा प्रहार
नीरज कुमार ने कहा, 'जब बात आपराधिक दुनिया की राजनीति में शामिल लोगों की आती है, तो नीरज कुमार किसी के भी सामने सिर नहीं झुकाते, चाहे उनका धर्म या समुदाय कुछ भी हो। मेरा जन्म गंगा किनारे हुआ है। हम आग और पानी से बने हैं और यह मोकामा है। अगर आप हमें डराने की कोशिश करेंगे, तो जनता जवाब देगी।'
नीरज कुमार ने अनंत सिंह को 'पापड़ पहलवान' कहकर चुनौती दी कि यदि उन पर कोई आरोप है तो कोर्ट में अर्जी दें। उन्होंने व्यंग्य करते हुए जोड़ा कि अनंत सिंह 'नार्को टेस्ट' जैसे शब्द भी ठीक से नहीं बोल पाते।
'महामूर्ख सम्मेलन' वाला तंज
एक और कड़े बयान में नीरज कुमार ने अनंत सिंह को 'महामूर्ख सम्मेलन' का मुख्य अतिथि बताया। उनके शब्दों में, 'जब महामूर्ख सम्मेलन हो, तो उसका मुख्य अतिथि कोई ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जो बेउर जेल का संत रहा हो।'
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि अनंत सिंह को 'असेंबली' या 'लेजिस्लेटिव काउंसिल' लिखना भी नहीं आता और वे राजनीति में सहानुभूति के पात्र व्यक्ति हैं।
ईबीसी विरोधी होने का गंभीर आरोप
नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) विरोधी होने का गंभीर राजनीतिक आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने खुद माना है कि ईबीसी उम्मीदवार का टिकट काटा गया था, जो यह साबित करता है कि वे ईबीसी विरोधी हैं।
नीरज कुमार ने 2019 का संदर्भ देते हुए कहा, 'क्या आपने 2019 में अपनी पत्नी को चुनाव नहीं जितवाया था? आप अयोध्या जा रहे थे। आप किसी को ठिकाने लगाने की योजना बना रहे थे। बाकी सब तो अभी भी इसी धरती पर हैं, जबकि यह व्यक्ति बेउर जेल में बैठा है।'
विधान परिषद की गरिमा का हवाला
नीरज कुमार ने बिहार विधान परिषद की गरिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार विधान परिषद सदस्य रहते हुए मुख्यमंत्री पद पर रहे हैं। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी परिषद सदस्य रहते हुए अपने पद पर रहे हैं और राबड़ी देवी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जेडीयू अपनी स्थिति को मज़बूत करने में लगी है। गौरतलब है कि मोकामा से विधायक अनंत सिंह पहले भी कई आपराधिक मामलों में चर्चा में रहे हैं और बेउर जेल में समय बिता चुके हैं।
आगे क्या होगा
दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग जेडीयू की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही है। नीरज कुमार के बयान संकेत देते हैं कि यह विवाद निकट भविष्य में थमने वाला नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ईबीसी वोट बैंक पर बयानबाज़ी बिहार की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा है और इस विवाद का असर पार्टी की रणनीति पर पड़ सकता है।