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अनंत सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो: कांग्रेस सांसद मनोज कुमार

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अनंत सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो: कांग्रेस सांसद मनोज कुमार

सारांश

अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से 1 दिसंबर तक सरेंडर का समय मिलने पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा — अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही 1 नवंबर की दिल्ली रैली, EVM पर प्रतिबंध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर भी कांग्रेस की आक्रामक रणनीति सामने आई।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का समय दिया; कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने आदेश के पालन की माँग की।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से कथित तौर पर 13.50 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं।
मनोज कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा; महाभियोग की चेतावनी दी।
1 नवंबर 2026 को दिल्ली में कांग्रेस की रैली; EVM प्रतिबंध और लोकतंत्र की रक्षा मुख्य मुद्दे।
व्यापारी संगठन CTI के सोनिया गांधी को लिखे पत्र पर मनोज कुमार ने व्यापारियों से रैली में भाग लेने की अपील की।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बिहार के मोकामा से जुड़े विवादित नेता अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का समय दिए जाने पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने 30 अक्टूबर को कहा कि अदालत के आदेशों का पालन होना चाहिए और अपराधी चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने साथ ही 1 नवंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली, 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरोध प्रदर्शन और व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के पत्र पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

अनंत सिंह मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर के लिए समय दिए जाने के सवाल पर मनोज कुमार ने कहा कि न्यायालय जो भी आदेश दे, उसका पूर्णतः पालन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी किसी भी दल या पृष्ठभूमि का क्यों न हो, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है। दुलार चंद यादव की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण विस्तृत टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में उचित और न्यायसंगत फैसला करेगा।

1 नवंबर की रैली और लोकतंत्र की लड़ाई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित कार्यक्रम के संदर्भ में मनोज कुमार ने कहा कि पार्टी की मांग स्पष्ट है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से कथित तौर पर 13.50 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या और संविधान को कुचलने की कोशिश बताया। उन्होंने देशवासियों से 1 नवंबर को दिल्ली पहुँचकर लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने की अपील की।

मनोज कुमार ने कहा कि जब तक कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए 13.50 करोड़ लोगों को न्याय नहीं मिलता और ईवीएम पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। हाल के एमएलसी चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से हुए मतदान में एनडीए को कम सीटें मिलीं, जिससे वे यह तर्क देते हैं कि ईवीएम की जगह बैलेट से निष्पक्ष चुनाव संभव है। उन्होंने इज़राइल में बैलेट पेपर से चुनाव होने का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग

कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग एक बार फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें पद से हटाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यदि ऐसा नहीं होता, तो कांग्रेस महाभियोग की संवैधानिक प्रक्रिया अपनाने पर विचार करेगी। मनोज कुमार ने कहा कि संविधान सर्वोच्च है और किसी भी त्रुटि पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

BJP के विरोध प्रदर्शन और CTI के पत्र पर प्रतिक्रिया

1 नवंबर को 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर BJP के विरोध प्रदर्शन के सवाल पर मनोज कुमार ने कहा कि यह राहुल गांधी की कामयाबी है कि लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन मुद्दों पर जनता की आवाज को दबाना संभव नहीं होगा।

व्यापारी संगठन CTI की ओर से सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चांदनी चौक के कई व्यापारी राहुल गांधी का स्वागत करने और उनके साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की इस लड़ाई में भागीदारी करें, क्योंकि देश रहेगा तभी व्यापार और कारोबार भी चलेगा।

रैली का व्यापक उद्देश्य

मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि 1 नवंबर की रैली किसी एक दल, जाति या धर्म की नहीं, बल्कि समस्त राजनीतिक दलों, जातियों और संप्रदायों के लोगों की साझी आवाज होगी। इसका मूल उद्देश्य संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा करना है। यह रैली आने वाले समय में कांग्रेस के ईवीएम-विरोधी और मतदाता सूची आंदोलन की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो EVM, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को केंद्र में रखकर 2027 के चुनावों से पहले जनमत तैयार करने की कोशिश है। उल्लेखनीय यह है कि 13.50 करोड़ नाम हटाने का आरोप अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है, फिर भी यह कांग्रेस के हर मंच पर दोहराया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की बात संवैधानिक दृष्टि से जटिल प्रक्रिया है — जिसकी व्यावहारिकता पर पार्टी खुद स्पष्ट नहीं है। असली परीक्षा यह है कि 1 नवंबर की रैली क्या विपक्षी एकता का ठोस प्रदर्शन बन पाती है, या महज एक औपचारिक विरोध बनकर रह जाती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को सरेंडर के लिए कब तक का समय दिया है?
सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार के मोकामा से जुड़े अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का समय दिया है। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा है कि इस आदेश का पालन होना चाहिए और अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई अनिवार्य है।
कांग्रेस की 1 नवंबर की दिल्ली रैली किन मुद्दों पर है?
कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली मुख्यतः EVM पर प्रतिबंध की माँग, मतदाता सूची से कथित तौर पर 13.50 करोड़ नाम हटाने के विरोध और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई है। मनोज कुमार ने इसे किसी एक दल की नहीं, बल्कि सभी वर्गों की साझी लड़ाई बताया है।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा क्यों माँगा है?
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही। मनोज कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की है और कहा है कि ऐसा न होने पर कांग्रेस महाभियोग की संवैधानिक प्रक्रिया अपनाएगी।
CTI ने सोनिया गांधी को पत्र क्यों लिखा और कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया है?
व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा, जिसे 1 नवंबर की रैली से जोड़कर देखा जा रहा है। मनोज कुमार ने कहा कि चांदनी चौक के कई व्यापारी सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के समर्थन में बोल रहे हैं और उन्होंने सभी व्यापारियों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा में शामिल होने की अपील की।
कांग्रेस का EVM पर प्रतिबंध का तर्क क्या है?
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने हाल के एमएलसी चुनावों का उदाहरण दिया जहाँ बैलेट पेपर से मतदान हुआ और एनडीए को कम सीटें मिलीं। उन्होंने इज़राइल में बैलेट से चुनाव का हवाला देते हुए तर्क दिया कि बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव संभव है और चुनाव आयोग को इससे सीख लेनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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