तेजस्वी यादव का स्पष्ट इनकार: अनंत सिंह को राजद में वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान साफ कर दिया कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निष्कासित नेता अनंत सिंह को पार्टी में दोबारा शामिल करने का कोई प्रस्ताव उनकी ओर से नहीं है। इस बयान ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया जो अनंत सिंह की संभावित राजद वापसी को लेकर बिहार की राजनीतिक गलियारों में चल रही थीं।
तेजस्वी यादव का स्पष्ट रुख
जब मीडिया ने यादव से पूछा कि क्या अनंत सिंह — जो पहले राजद के साथ रह चुके हैं — भविष्य में दोबारा पार्टी में आ सकते हैं, तो उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा, 'हमारी ओर से कोई प्रस्ताव नहीं है।' यह जवाब संक्षिप्त लेकिन राजनीतिक दृष्टि से निर्णायक था।
यादव ने अनंत सिंह पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सिंह और उनकी पत्नी हमेशा यही आरोप लगाते थे कि सरकार ने उन्हें 'झूठे मामलों' में फंसाया है। किंतु जब उन्होंने राजद को छोड़कर 'सरकार के पाले' में जाने का फैसला किया, तब वही सरकार उन्हें अच्छी लगने लगी। यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अब जब अनंत सिंह को फिर जेल जाना पड़ रहा है, तो सरकार बुरी हो गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया
सर्वोच्च न्यायालय ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसी संदर्भ में तेजस्वी यादव ने नीरज कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब नीरज कुमार के अपने हित प्रभावित हुए तब वे अनंत सिंह को जेल भेजने के लिए याचिकाकर्ता बन गए, जबकि जब दोनों एक ही पार्टी में थे, तब वे चुप रहे। यादव ने सवाल उठाया, 'क्या तब वे अपराधी नहीं थे?'
इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सभी नेता वहाँ एकजुट होंगे। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 'लोकतंत्र को कुचलने का काम किया है' और इंडिया ब्लॉक इसके खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करेगा।
बिहार एमएलसी चुनाव में राजद का दावा
बिहार में हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनावों पर तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को आड़े हाथ लिया। उन्होंने दावा किया कि कुल 8 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में राजद गठबंधन ने 5 सीटें जीतीं, जबकि एनडीए केवल 3 सीटों तक सीमित रह गई। यादव ने इसे अपने गठबंधन की 'शानदार सफलता' बताते हुए एनडीए की 'हवा टाइट' होने की बात कही।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और अनंत सिंह का राजनीतिक भविष्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनिश्चित हो गया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि सिंह सरेंडर के बाद बिहार की राजनीति में किस पाले में खड़े होते हैं।