हरियाणा DGP अजय सिंघल की समीक्षा बैठक: 6,644 CCTV कैमरे और 47,124 अपराधियों का सत्यापन पूरा
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने 30 अक्टूबर 2026 को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें कानून-व्यवस्था को तकनीकी आधार पर और सुदृढ़ बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए। बैठक में सीसीटीवी निगरानी, फेस रिकग्निशन सिस्टम, रात्रि नाकाबंदी, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कार्रवाई और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली की विस्तार से पड़ताल की गई।
सीसीटीवी नेटवर्क की स्थिति
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के 24 जिलों के 389 पुलिस थानों और 327 पुलिस चौकियों में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा कुल 6,644 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। डीजीपी सिंघल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। कैमरों की तकनीकी खामियों, नेटवर्क समस्याओं और स्थिति की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में डिजिटल निगरानी ढाँचे को व्यापक रूप से उन्नत करने की दिशा में काम चल रहा है।
फेस रिकग्निशन और अपराधियों का डेटा सत्यापन
अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में 47,124 सक्रिय अपराधियों का भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड की जा चुकी हैं। राज्य के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया गया है।
डीजीपी सिंघल ने अधिकारियों को घोषित अपराधियों, बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा अगले दो सप्ताह में सिस्टम पर अपलोड करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग अपराध नियंत्रण में तेज़ी से बढ़ रहा है, हालाँकि नागरिक स्वतंत्रता के दृष्टिकोण से इसकी जवाबदेही का ढाँचा स्पष्ट होना भी उतना ही ज़रूरी माना जाता है।
रात्रि नाकाबंदी और सीमा सुरक्षा
बैठक में रात्रि नाकाबंदी की व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि अंतरराज्यीय और अंतरजिला नाकाबंदी से अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। वर्तमान में प्रदेश में 40 संवेदनशील स्थानों और सीमा क्षेत्रों में नियमित नाके लगाए जा रहे हैं। 250 स्थायी नाकों के अलावा 288 अतिरिक्त नाका प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को नाकों पर सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
वाहन जाँच अभियान के आँकड़े
बिना नंबर प्लेट और बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा में सामने आया कि 1 जून 2026 से 28 अक्टूबर 2026 के बीच 31.22 लाख से अधिक वाहनों की जाँच की गई।
इस अवधि में बिना नंबर प्लेट के 1.14 लाख से अधिक और बिना HSRP के 1.57 लाख से अधिक वाहनों के चालान किए गए। कुल 22,269 वाहन जब्त किए गए और 2.72 लाख से अधिक चालान काटे गए। ये आँकड़े बताते हैं कि राज्य पुलिस ने वाहन संबंधी उल्लंघनों पर व्यापक कार्रवाई की है।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर जोर
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) की समीक्षा में डीजीपी सिंघल ने कहा कि आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुँच नागरिकों के विश्वास और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ERV का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीजीपी सिंघल ने कहा कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग, सतत निगरानी और जवाबदेही के साथ काम करना हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता है। आने वाले समय में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।