30 अक्टूबर 2026
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जयराम रमेश का BJP पर हमला: संसद का अपमान और CEC नियुक्ति पर उठाए गंभीर सवाल

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जयराम रमेश का BJP पर हमला: संसद का अपमान और CEC नियुक्ति पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने BJP की 'मॉक पार्लियामेंट' को निशाना बनाते हुए 2014 से संसदीय लोकतंत्र के कथित क्षरण और दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी सांसदों के निलंबन के दौरान CEC को 'आजीवन प्रतिरक्षा' देने वाले विधेयक पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 30 अक्टूबर 2026 को BJP की 'मॉक पार्लियामेंट' की कड़ी आलोचना की।
रमेश ने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर 2014 से संसदीय संस्था को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी सांसदों के निलंबन के दौरान CEC को 'आजीवन प्रतिरक्षा' देने वाला विधेयक पारित किया गया।
रमेश ने ज्ञानेश कुमार की CEC नियुक्ति को संवैधानिक मताधिकार के लिए खतरा बताया।
BJP ने सभी आरोपों को खारिज किया और इसे 'चुनावी हार के बाद संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास' कहा।
इंडिया ब्लॉक केंद्रीय चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रहा है और 'वोट चोरी' उजागर करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने 30 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी 2014 से लगातार संसदीय संस्था को कमज़ोर करती आ रही है। यह बयान BJP से जुड़े संगठन द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एक 'मॉक पार्लियामेंट' कार्यक्रम के संदर्भ में आया, जिसकी रमेश ने कड़ी निंदा की।

मॉक पार्लियामेंट और कांग्रेस की आपत्ति

BJP से संबद्ध संगठन 'सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी' ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली के NDMC कन्वेंशन सेंटर में 'लोकतंत्र बनाम अराजकता' विषय पर एक नकली संसद सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश भर के युवा प्रतिभागियों ने सत्तापक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका निभाई। रमेश ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में इस आयोजन को 'बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं' बताया।

संसदीय लोकतंत्र पर रमेश के आरोप

रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, सरकार ने विधेयकों को जबरदस्ती पारित कराया, जनहित के मुद्दों पर बहस से इनकार किया, संसदीय संस्थाओं को बदनाम किया और दोनों सदनों को आत्म-प्रशंसा के मंच में तब्दील कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में संसदीय नियमों का बारंबार उल्लंघन हुआ है और महत्त्वपूर्ण कानूनों को पर्याप्त चर्चा के बिना ही पारित किया गया है। गौरतलब है कि यह वही व्यापक विपक्षी आख्यान है जो 2014 के बाद से विपक्षी खेमे का मुख्य राजनीतिक औज़ार बना हुआ है।

CEC नियुक्ति विवाद

रमेश ने विशेष रूप से दिसंबर 2023 की उस घटना का उल्लेख किया जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को अभूतपूर्व 'आजीवन प्रतिरक्षा' प्रदान करने वाला विधेयक तब पारित किया गया जब 145 विपक्षी सांसद निलंबित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त विधेयक पारित होते ही ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर नियुक्त किया गया, और यह नियुक्ति करोड़ों भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से की गई।

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है और केंद्रीय चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रहा है। विपक्ष ने 'वोट चोरी' के आरोपों को उजागर करने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं।

BJP का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि संसदीय कार्यवाही नियमों के अनुसार संचालित होती है और चुनाव आयोग पूरी तरह स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। BJP ने विपक्ष के इस अभियान को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास करार दिया है।

आगे क्या होगा

इंडिया ब्लॉक का यह अभियान आगामी चुनावी मौसम में और तेज़ होने की संभावना है, जबकि BJP अपनी संसदीय उपलब्धियों को जनता के सामने रखने में जुटी है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और CEC नियुक्ति प्रक्रिया का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनावी नतीजों की वैधता पर भी सवाल उठते रहेंगे।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम रमेश ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
जयराम रमेश ने BJP पर 2014 से संसदीय लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयकों को जबरदस्ती पारित कराया, बहसों से बचा और संसदीय संस्थाओं को बदनाम किया।
CEC नियुक्ति विवाद क्या है?
दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी सांसदों के निलंबन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त को 'आजीवन प्रतिरक्षा' देने वाला विधेयक पारित किया गया था। इसके तुरंत बाद ज्ञानेश कुमार को CEC नियुक्त किया गया, जिसे कांग्रेस ने संवैधानिक मताधिकार के लिए खतरनाक बताया।
BJP की 'मॉक पार्लियामेंट' क्या थी?
BJP से संबद्ध 'सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी' संगठन ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली के NDMC कन्वेंशन सेंटर में 'लोकतंत्र बनाम अराजकता' विषय पर एक नकली संसद सत्र आयोजित किया। इसमें देश भर के युवाओं ने सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की भूमिका निभाई।
इंडिया ब्लॉक चुनाव आयोग से क्या माँग कर रहा है?
इंडिया ब्लॉक केंद्रीय चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रहा है। गठबंधन ने 'वोट चोरी' के आरोपों को उजागर करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा?
BJP ने सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि संसदीय कार्यवाही नियमों के अनुसार होती है तथा चुनाव आयोग पूरी तरह स्वतंत्र है। पार्टी ने विपक्ष के इस अभियान को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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