अनंत सिंह सरेंडर आदेश पर जदयू एमएलसी नीरज कुमार बोले — 'हम न तीन में, न तेरह में'
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को सरेंडर करने का आदेश दिए जाने के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी नीरज कुमार ने 30 अक्टूबर 2026 को पटना में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले से उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है और आरोपों को उन पर बेवजह थोपा गया है।
नीरज कुमार का सीधा जवाब
नीरज कुमार ने कहा, 'दुलारचंद यादव की हत्या हुई और उनके परिजन ही संभवतः इस मामले में जानकार हैं — आरोप किस ढंग से लगाए गए, यह सवाल उठाना ज़रूरी है।' उन्होंने दो टूक कहा, 'मेरे ऊपर आरोप लगा दिए गए। हम न तीन में हैं, न तेरह में — हमको इन सब चीज़ों से क्या लेना-देना है।' साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके परिवार, विशेषकर उनके बच्चे, पर की गई टिप्पणियाँ अनुचित थीं।
न्यायपालिका पर भरोसा जताया
सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले को नीरज कुमार ने लोकतंत्र की मज़बूती का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, 'इस देश के अंदर ईमान जिंदा है। जो लोग न्यायपालिका पर सवाल उठाते हैं और लोकतंत्र को खतरे में बताते हैं, उन्हें करारा जवाब मिला है — न्यायपालिका के अंदर न्याय ज़रूर मिलता है।' उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका के फ़ैसले पर सीधी टिप्पणी करना उचित नहीं, और सरकार पर किसी को बचाने का आरोप बेबुनियाद है।
आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर रुख
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि सरकारी धन की लूट हुई थी और इतनी लंबी न्यायिक प्रक्रिया चिंता का विषय है। उनका कहना था, 'माननीय न्यायालय ने जो निर्देश दिए हैं, उनके आलोक में अनुरोध है कि जल्द से जल्द त्वरित अंतिम सुनवाई करके सक्षम प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो।' यह टिप्पणी उन्होंने विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में भी की।
इंडिया गठबंधन की रैली पर चिंता
इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली पर नीरज कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है, लेकिन यदि इससे व्यापारियों और आम नागरिकों में दहशत फैले तो वह उचित नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं, और कर्नाटक में भी कांग्रेस पिछड़ रही है।
राहुल गांधी पर निशाना
नीरज कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार पर हमला करना — क्या यह राजनीति की शुचिता है? राहुल गांधी को अपने पूर्वजों का इतिहास जानना चाहिए।' उनके अनुसार, कांग्रेस प्रतिशोध की राजनीति पर भरोसा करती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में जदयू अपनी साख मज़बूत करने में जुटी है और विपक्ष के साथ तीखी नोकझोंक जारी है।