19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेडीयू में अंदरूनी कलह: अनंत सिंह बोले — नीरज कुमार चार बार मेरे खिलाफ लड़े, अपने बूथ से भी हारे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेडीयू में अंदरूनी कलह: अनंत सिंह बोले — नीरज कुमार चार बार मेरे खिलाफ लड़े, अपने बूथ से भी हारे

सारांश

बिहार में जेडीयू की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आई — मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार पर चार चुनावों में विरोध और अपने ही बूथ से हार का आरोप लगाया। आरजेडी ने इस दरार को भुनाने की कोशिश की, और यूसीसी पर भी तेजस्वी के नाम पर कड़ा बयान दिया।

मुख्य बातें

जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने 19 सितंबर 2026 को पटना में आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने चार चुनावों में उनका विरोध किया।
अनंत सिंह के अनुसार नीरज कुमार ने एक बार उनके खिलाफ टिकट लेकर चुनाव लड़ा और अपने ही बूथ से हार गए।
जेडीयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा कि पार्टी मुद्दों को सुलझा लेगी और लक्ष्य एनडीए के लिए सभी आठ सीटें जीतना है।
आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने जेडीयू को 'कई गुटों में बंटी' पार्टी बताया और फूट का फायदा उठाने की कोशिश की।
आरजेडी ने यूसीसी लागू होने पर बिहार में कड़े विरोध की चेतावनी दी, तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए।

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मोकामा विधायक अनंत सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग 19 सितंबर 2026 को और तीखी हो गई, जब अनंत सिंह ने पत्रकारों के सामने सीधे आरोप लगाए कि नीरज कुमार ने चार चुनावों में उनका विरोध किया और एक बार टिकट लेकर उनके खिलाफ मैदान में उतरे — फिर भी अपने ही बूथ से हार गए। यह विवाद बिहार की राजनीति में जेडीयू के भीतर गहरी दरार की ओर संकेत करता है, जो आगामी उपचुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

अनंत सिंह का सीधा हमला

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार ने हमेशा उनका विरोध किया है। उन्होंने कहा, 'चार चुनावों में उन्होंने हमारा विरोध किया। उन्होंने टिकट लेकर मेरे खिलाफ चुनाव भी लड़ा, जबकि मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था — तब वह हार गए, यहाँ तक कि अपने ही बूथ से भी। लेकिन उन्हें कोई शर्म नहीं है।'

अनंत सिंह ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ही नीरज कुमार को राजनीति में स्थापित करने में मदद की थी। उनके अनुसार, 'वे तो अपने गाँव भी नहीं गए थे, मैं उन्हें उनके गाँव ले गया था। हमने उन्हें पार्टी का टिकट दिलवाया। उन्होंने नीतीश कुमार और ललन सिंह के पैर पकड़े, तब जाकर उन्हें टिकट मिला।'

जेडीयू का डैमेज कंट्रोल

इस विवाद को थामने की कोशिश में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि 'अनंत सिंह भी पार्टी के विधायक हैं, जबकि नीरज कुमार पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं। हमें भरोसा है कि पार्टी ऐसे मुद्दों को सुलझा लेगी।' उन्होंने जोड़ा कि पार्टी का लक्ष्य एनडीए के लिए सभी आठ सीटें जीतना है और इसलिए हर सीट अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि यह बयान पार्टी की एकता का संदेश देने की कोशिश है, लेकिन यह ऐसे समय में आया है जब विधायक और प्रवक्ता दोनों सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

आरजेडी का जेडीयू पर हमला

इस अंदरूनी कलह का फायदा उठाते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जेडीयू पर तीखा प्रहार किया। आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'जेडीयू कई गुटों में बंटी हुई है और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। जेडीयू, भाजपा की ही एक इकाई है और उसने अपनी पहचान खो दी है। पार्टी के भीतर पूरी तरह से फूट पड़ी है — आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि आखिरकार यह कितने टुकड़ों में बंटेगी।'

यूसीसी पर आरजेडी का कड़ा रुख

इसी बीच यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के मुद्दे पर भी शक्ति सिंह यादव ने सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा, 'जब तक हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में हैं, तब तक किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह किसी खास धर्म को निशाना बनाए और यूसीसी लागू करे। अगर इसे लागू किया गया, तो इसका विरोध होगा — इसे किसी भी कीमत पर बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा।'

आगे क्या होगा

जेडीयू के भीतर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी एनडीए के साथ मिलकर आठ उपचुनाव सीटें जीतने की तैयारी में है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सार्वजनिक कलह मतदाताओं को गलत संदेश दे सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के हस्तक्षेप और दोनों नेताओं के बीच सुलह की कोशिश अगले कुछ दिनों में संभावित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो नेतृत्व की पकड़ पर सवाल उठना लाज़िमी है। आरजेडी का इस मौके पर सक्रिय होना रणनीतिक है — उपचुनाव नज़दीक हैं और गुटबाज़ी मतदाता का संदेश बदल सकती है। असली परीक्षा यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस विवाद को किस हद तक दबाए रख सकते हैं।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद की वजह क्या है?
जेडीयू विधायक अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज कुमार ने चार चुनावों में उनका विरोध किया और एक बार उनके खिलाफ टिकट लेकर मैदान में भी उतरे, लेकिन अपने ही बूथ से हार गए। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने ही नीरज कुमार को राजनीति में स्थापित करने में मदद की थी।
जेडीयू ने इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को सुलझा लेगी और फोकस एनडीए के लिए सभी आठ उपचुनाव सीटें जीतने पर है। उन्होंने दोनों नेताओं — विधायक और प्रवक्ता — की पहचान का उल्लेख करते हुए शांत रहने का संदेश दिया।
आरजेडी ने जेडीयू की इस कलह पर क्या कहा?
आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने जेडीयू को 'कई गुटों में बंटी' पार्टी बताया और कहा कि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जेडीयू ने अपनी पहचान खो दी है और आने वाले दिनों में यह और टुकड़ों में बंट जाएगी।
बिहार में यूसीसी को लेकर आरजेडी का क्या रुख है?
आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में हैं, यूसीसी को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे लागू करने की कोशिश होने पर तीव्र विरोध किया जाएगा।
इस विवाद का जेडीयू और एनडीए के उपचुनावों पर क्या असर पड़ सकता है?
जेडीयू की अंदरूनी फूट ऐसे समय में सामने आई है जब पार्टी एनडीए के साथ मिलकर आठ उपचुनाव सीटें जीतने की कोशिश में है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सार्वजनिक कलह मतदाताओं को नकारात्मक संदेश दे सकती है और विपक्ष को प्रचार का मुद्दा मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 मिनट पहले
  2. 6 मिनट पहले
  3. 59 मिनट पहले
  4. 4 घंटे पहले
  5. 23 घंटे पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले