19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस, 'मातोश्री' के गेट पर हुई तामील

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस, 'मातोश्री' के गेट पर हुई तामील

सारांश

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान 'मातोश्री' तक पहुँचे लेकिन प्रवेश से रोके गए — फिर भी ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस गेट पर ही तामील कराया। वकील निलेश ओझा का दावा है कि उन्हें वकालत से रोकने की धमकी मिली थी और अदालत पहले ही ठाकरे की दलील खारिज कर चुकी है।

मुख्य बातें

सतीश सालियान ने 19 सितंबर 2026 को आदित्य ठाकरे के आवास 'मातोश्री' पर ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस तामील कराया।
सालियान और उनके वकील निलेश ओझा को मातोश्री में प्रवेश नहीं दिया गया; नोटिस मुख्य गेट पर दिया गया।
वकील ओझा ने दावा किया कि उन्हें वकालत न करने देने की धमकी दी गई थी।
अदालत पहले ही आदित्य ठाकरे की 'राजनीतिक प्रेरणा' वाली दलील खारिज कर सालियान की याचिका स्वीकार कर चुकी है।
दिशा सालियान की मृत्यु 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में हुई थी; मामले की जाँच CBI कर रही है।

दिवंगत दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के मुंबई स्थित आवास 'मातोश्री' पहुँचकर ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस सौंपा। सतीश सालियान और उनके वकील को परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद यह कानूनी नोटिस मुख्य गेट पर ही तामील कराया गया।

मातोश्री पर क्या हुआ

सतीश सालियान अपने वकील निलेश ओझा के साथ मातोश्री पहुँचे, किंतु उन्हें भीतर जाने से रोक दिया गया। इसके बावजूद दोनों ने मुख्य गेट पर ही नोटिस देकर औपचारिक विधिक प्रक्रिया पूरी की। सतीश सालियान ने मातोश्री जाने से पूर्व स्पष्ट किया था कि उन्हें किसी से भय नहीं है।

वकील निलेश ओझा का बयान

वकील निलेश ओझा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें पहले धमकी दी गई थी कि उन्हें वकालत नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमें कहा गया था कि हमें प्रैक्टिस नहीं करने देंगे। इसलिए हम यहाँ यह दिखाने आए हैं कि हम आपके घर तक आकर कानूनी नोटिस दे सकते हैं। जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए, देखते हैं क्या करते हैं।'

ओझा ने यह भी बताया कि आदित्य ठाकरे की ओर से उन पर राजनीतिक प्रेरणा का आरोप लगाया गया था, परंतु अदालत पहले ही उस दलील को खारिज कर उनकी याचिका स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने कहा, 'हमारा किसी भी राजनीतिक दल या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। अब नोटिस तामील हो चुका है, इसलिए उन्हें इसका जवाब देना होगा।'

मानहानि नोटिस का आधार

सतीश सालियान का आरोप है कि आदित्य ठाकरे ने उनके और उनके परिवार के विरुद्ध राजनीतिक मंशा से बयान दिए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा है। इसी आधार पर ₹500 करोड़ के मानहानि नोटिस में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दिशा सालियान मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक बहुमंजिला इमारत से गिरने के बाद मृत्यु हो गई थी। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) इस मामले की जाँच कर रही है। यह प्रकरण तब से राजनीतिक और कानूनी विवादों के केंद्र में रहा है।

आगे क्या होगा

कानूनी नोटिस तामील होने के बाद अब आदित्य ठाकरे को निर्धारित समयसीमा के भीतर इसका जवाब देना होगा। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो सतीश सालियान न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं। यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक कानूनी पेचीदगियाँ उत्पन्न कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सालियान पक्ष को कानूनी बढ़त देती है। ₹500 करोड़ की रकम प्रतीकात्मक भी हो सकती है, पर CBI जाँच के समानांतर चल रही यह नागरिक कार्रवाई इस केस की जटिलता को और गहरा करती है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे को मानहानि नोटिस क्यों दिया गया?
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का आरोप है कि आदित्य ठाकरे ने राजनीतिक मंशा से उनके और उनके परिवार के खिलाफ ऐसे बयान दिए जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा। इसी आधार पर ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा गया है।
'मातोश्री' पर नोटिस तामील करते समय क्या हुआ?
सतीश सालियान और उनके वकील निलेश ओझा को 19 सितंबर 2026 को आदित्य ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद नोटिस मुख्य गेट पर ही तामील कराया गया।
वकील निलेश ओझा ने धमकी का दावा क्यों किया?
निलेश ओझा के अनुसार, उन्हें पहले यह धमकी दी गई थी कि वे वकालत नहीं कर पाएँगे। उनका कहना है कि इसी के जवाब में वे स्वयं 'मातोश्री' जाकर नोटिस देने पहुँचे।
दिशा सालियान की मृत्यु कब और कैसे हुई थी?
दिशा सालियान की मृत्यु 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक बहुमंजिला इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वे दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं और इस मामले की जाँच CBI कर रही है।
क्या अदालत ने इस मामले में कोई फैसला सुनाया है?
अदालत ने आदित्य ठाकरे की ओर से लगाए गए 'राजनीतिक प्रेरणा' के आरोप को पहले ही खारिज कर दिया है और सतीश सालियान की याचिका स्वीकार की है। अब नोटिस तामील होने के बाद आदित्य ठाकरे को निर्धारित समय में जवाब देना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 18 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 5 दिन पहले
  8. 2 सप्ताह पहले