दिशा सालियान के पिता का ऐलान: आदित्य ठाकरे को नोटिस देने जाऊँगा, किसी शिव सैनिक से नहीं डरता
सारांश
मुख्य बातें
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने 19 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि वे शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को मानहानि का नोटिस देने के लिए 'मातोश्री' आवास जाने से बिल्कुल नहीं डरते। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक बहुमंजिला इमारत से गिरने के बाद हुई थी, और इस मामले की अब केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जाँच कर रही है।
सतीश सालियान का बेबाक बयान
सतीश सालियान ने कहा, 'मुझे किसी शिव सैनिक से डर नहीं लगता। वे भी इंसान हैं और मैं भी इंसान हूँ। मैं मुंबई से हूँ, इसलिए किसी से डरने की कोई वजह नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि न्याय 100 प्रतिशत मिलेगा और जो भी दोषी होगा, उसे सज़ा मिलेगी।
नोटिस और मुआवज़े की माँग
रिपोर्टों के अनुसार, सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से अपनी बेटी की मौत की नई जाँच की माँग को लेकर की गई टिप्पणियों के लिए ₹500 करोड़ के हर्जाने की माँग की है। नोटिस में मुआवज़े के साथ-साथ माफ़ी की भी माँग की गई है। यह नया नोटिस आदित्य ठाकरे के एक सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित बताया जा रहा है और इसे आपराधिक मामले से अलग चलाया जा रहा है।
बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश और पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिशा सालियान की मौत की CBI जाँच का आदेश देने और एजेंसी को FIR दर्ज करने का निर्देश देने के कुछ दिनों बाद सामने आया है। गौरतलब है कि यह आदेश सतीश सालियान के एक नए बयान के बाद आया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक जाँच के दौरान पर्याप्त सबूत सामने नहीं आते, तब तक किसी को भी आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
सतीश सालियान ने इस दौरे के बारे में मुंबई पुलिस और मीडिया को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए पहले ही सूचित कर दिया था। उन्होंने इस यात्रा के दौरान पुलिस सुरक्षा की माँग भी की है।
2020 की मौत और उसके बाद का घटनाक्रम
2020 में दिशा सालियान की मौत को पुलिस ने आकस्मिक मौत मानते हुए 'एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट' दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया था। यह ऐसे समय में आया है जब मामले के छह साल बाद भी दिशा के परिजन न्याय के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं।
आगे क्या होगा
CBI की जाँच जारी रहने के साथ-साथ मानहानि का नागरिक मामला एक समानांतर कानूनी मोर्चा खोलता है। सतीश सालियान की 'मातोश्री' यात्रा और उसका राजनीतिक असर आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।