आशा नेगी का रोहित रॉय को जवाब: 'टीवी ने दी पहचान, डस्टबिन नहीं है छोटा पर्दा'
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन अभिनेत्री आशा नेगी ने अभिनेता रोहित रॉय के उस विवादित बयान से असहमति जताई है, जिसमें उन्होंने टेलीविजन को 'डस्टबिन मीडियम' करार दिया था। आशा ने स्पष्ट कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे टेलीविजन का ही योगदान है और इसके लिए वह हमेशा शुक्रगुजार रहेंगी।
रोहित रॉय ने क्या कहा था
अभिनेता रोहित रॉय ने एक इंटरव्यू में छोटे पर्दे को 'डस्टबिन मीडियम' बताया था। उनका कहना था कि फिल्म स्टार्स में एक अलग तरह का 'स्टाइल और क्लास' होता है, जो टीवी अभिनेताओं में नहीं पाया जाता। इस बयान ने टेलीविजन इंडस्ट्री में व्यापक बहस को जन्म दिया।
आशा नेगी की प्रतिक्रिया
आशा नेगी ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि इसके पीछे उनका इरादा क्या था। लोग किस दौर से गुजरते हैं, उन्हें किस तरह की निराशा हुई है, उन्होंने जो कहा उस पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकती। हाँ, आज मैं जो कुछ भी हूँ, वो टीवी की वजह से हूँ, जिसके लिए मैं शुक्रगुजार हूँ।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मेरे लिए तो टेलीविजन ने ही मुझे सब कुछ दिया है। टेलीविजन की वजह से ही मैं घर-घर में पहचानी गई और आज भी लोग मुझे 'पवित्र रिश्ता' में मेरे किरदार पूर्वी के नाम से बुलाते हैं।'
पवित्र रिश्ता से मिली पहचान
आशा नेगी ने अपनी पहचान अंकिता लोखंडे और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत शो 'पवित्र रिश्ता' के ज़रिये बनाई थी। इस शो में उनके किरदार 'पूर्वी' को दर्शकों ने खूब सराहा और आज भी उन्हें उसी नाम से याद किया जाता है। आशा का मानना है कि जो पहचान और प्रेम उन्हें टेलीविजन ने दिया, वह सिनेमा या ओटीटी कभी नहीं दे सकता।
नई वेब सीरीज़ में नज़र आएंगी आशा
फिलहाल आशा नेगी हॉरर-कॉमेडी, एडवेंचर और मिस्ट्री वेब सीरीज़ 'अली बाबा और 40 भूत' में काम कर रही हैं। इस शो में वह अली का किरदार निभा रही हैं, जबकि बाबा की भूमिका में विशाल वशिष्ठ हैं। कहानी अलीशा (उर्फ़ अली) नाम की एक लड़की के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो अपने लापता पुरातत्वविद् पिता की तलाश में अपने पुराने गृहनगर लौटती है।
यह बहस ऐसे समय में उठी है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते दबदबे के बीच टेलीविजन की प्रासंगिकता को लेकर इंडस्ट्री में अक्सर चर्चा होती रहती है। आशा नेगी जैसी अभिनेत्रियों का उदाहरण यह भी दर्शाता है कि छोटे पर्दे ने देश भर में अनगिनत कलाकारों को मुख्यधारा में लाने का काम किया है।