निहारिका चौकसे बोलीं — 'टीवी कलाकारों का सबसे बड़ा स्कूल है, इसे कमतर आँकना गलत'
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन अभिनेत्री निहारिका चौकसे इन दिनों अपने धारावाहिक 'तुम से तुम तक' के कारण दर्शकों के बीच चर्चित हैं। हाल ही में दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने टेलीविजन इंडस्ट्री की उस सोच पर सीधा सवाल उठाया, जो टीवी को फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म से कमज़ोर मानती है। उनके अनुसार, टेलीविजन हर कलाकार के लिए एक ऐसा विद्यालय है जहाँ प्रतिदिन नई सीख मिलती है।
टीवी को कमतर आँकना क्यों गलत है
निहारिका चौकसे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मुझे टीवी पर काम करना हमेशा पसंद आता है। अगर कोई मुझसे कहे कि मुझे रोज़ 14 घंटे काम करना होगा, तब भी मुझे कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि मुझे बिज़ी रहना अच्छा लगता है। मुझे समझ नहीं आता कि कुछ लोग टेलीविजन को कम क्यों आँकने लगते हैं। मेरे लिए टीवी सबसे बड़ा स्कूल है।' उन्होंने जोड़ा कि कैमरे के सामने अभिनय करना, लंबी-लंबी संवाद-पंक्तियाँ याद करना और हर परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन देना — ये सब टेलीविजन ही सिखाता है।
टीवी बनाम वेब सीरीज़ — काम की रफ़्तार का फ़र्क
निहारिका ने टेलीविजन और वेब सीरीज़ की कार्यशैली की तुलना करते हुए बताया, 'टेलीविजन में काम करना आसान नहीं होता, क्योंकि यहाँ कलाकारों को बहुत कम समय में अपना बेस्ट देना पड़ता है।' उन्होंने समझाया कि टीवी में अगले दिन का एपिसोड प्रसारित होना होता है, इसलिए नई स्क्रिप्ट मिलते ही तुरंत तैयारी और शूटिंग करनी पड़ती है। इसके विपरीत, वेब सीरीज़ में कलाकारों को वर्कशॉप और तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलता है। उनके अनुसार, यही कारण है कि टीवी कलाकार हर दिन नई चुनौतियों का सामना करते हैं और निरंतर मेहनत करते हैं।
मनोरंजन जगत में महिलाओं की बदलती भूमिका
निहारिका ने इंडस्ट्री में आए सकारात्मक बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'मनोरंजन जगत अब पहले से बेहतर दिशा में आगे बढ़ रहा है। पहले टेलीविजन में महिलाओं पर आधारित कहानियाँ ज़्यादा देखने को मिलती थीं, लेकिन अब फिल्मों में भी महिला कलाकारों को मज़बूत और अहम किरदार मिलने लगे हैं।' उनके अनुसार, महिला प्रधान फिल्मों का अच्छा प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि दर्शकों की सोच बदल रही है और इंडस्ट्री महिलाओं को पहले से कहीं अधिक अवसर दे रही है।
रियलिटी शोज़ पर निहारिका का रुख
रियलिटी शोज़ में भाग लेने के सवाल पर निहारिका ने कहा, 'अभी मैं सिर्फ काम करना चाहती हूँ। रियलिटी शोज़ बाद में भी किए जा सकते हैं। सबसे पहले मैं अपना फैन बेस मज़बूत करना चाहती हूँ, ताकि जब भी किसी रियलिटी शो में हिस्सा लूँ, तो जीतने के इरादे से जाऊँ।' उन्होंने यह भी बताया कि डांस के प्रति उनके प्रेम के कारण 'झलक दिखला जा' उनके पसंदीदा रियलिटी शोज़ में शामिल है, जबकि 'खतरों के खिलाड़ी' में हिस्सा लेने से पहले वे अपने डर पर काबू पाना चाहती हैं।
आगे की राह
निहारिका चौकसे की यह बेबाक राय ऐसे समय में आई है जब इंडस्ट्री में टीवी बनाम ओटीटी की बहस तेज़ है। उनका नज़रिया इस बात की याद दिलाता है कि टेलीविजन न केवल एक माध्यम है, बल्कि कलाकारों को गढ़ने वाली एक कठिन और अनुशासित पाठशाला भी है — और इसका महत्व कम नहीं आँका जाना चाहिए।