'तुमसे तुम तक' स्टार अंगद हसीजा बोले: नेटवर्किंग से नहीं, ईमानदारी और व्यवहार से मिलती है सफलता
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेता अंगद हसीजा इन दिनों अपने नए सीरियल 'तुमसे तुम तक' में अपनी अदाकारी से दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। हाल ही में एक बातचीत में उन्होंने मनोरंजन उद्योग में बदलते अवसरों, किस्मत की भूमिका और टेलीविजन के बदलते स्वरूप पर खुलकर अपने विचार साझा किए।
पहले कम मौके, अब खुला आसमान
हसीजा का मानना है कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब अभिनेताओं के लिए विकल्प बेहद सीमित थे। उन्होंने कहा, "जब मैं इंडस्ट्री में आया था तो हमारे लिए ज्यादा मौके नहीं थे। बस कुछ ही बड़े चैनल हुआ करते थे और उनके शो बहुत सक्सेसफुल हुआ करते थे और उनमें काम मिलना मुश्किल था।" उनके अनुसार, आज वेब सीरीज़, ओटीटी प्लेटफॉर्म और अनेक चैनलों ने नए कलाकारों के लिए दरवाज़े काफी हद तक खोल दिए हैं।
उन्होंने जोड़ा, "अब बहुत ज्यादा ऑप्शन हैं, बहुत सारे चैनल और प्लेटफॉर्म हैं जो पहले नहीं थे। इसलिए, मैं कहूंगा कि एक्टर्स के लिए चीजें ज्यादा आसान हो गई हैं।"
किस्मत और ईमानदारी: सफलता के दो स्तंभ
संघर्ष के सवाल पर अभिनेता ने स्पष्ट किया कि मेहनत के साथ-साथ भाग्य की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। उनके शब्दों में, "मैं यह नहीं कहूंगा कि एक एक्टर को स्ट्रगल नहीं करना पड़ता, लेकिन सबसे बड़ी चीज जिस पर मैं यकीन करता हूं, वह है किस्मत। अगर आपकी किस्मत आपके साथ है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं।"
नेटवर्किंग पर उनका नज़रिया भी अलग है। हसीजा का कहना है कि केवल जान-पहचान बढ़ाने से काम नहीं चलता — असली पहचान बनती है अच्छे काम, सच्चे व्यवहार और ईमानदारी से। उन्होंने कहा, "अगर आप एक अच्छे एक्टर हैं और अपने काम को लेकर ईमानदार हैं, लेकिन आपका व्यवहार भी मायने रखता है और यही आपको आगे लेकर जाएगा।"
टेलीविजन और दर्शकों का बदलता रिश्ता
जब उनसे पूछा गया कि क्या आज का टेलीविजन वह गहरा भावनात्मक जुड़ाव बना पाता है जो पहले के लंबे चलने वाले शो बनाते थे, तो हसीजा ने माना कि इसमें बदलाव आया है। उनके अनुसार, "जब आप इतने वर्षों तक हर दिन कुछ देखते हैं, तो वह आपकी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है, लेकिन अब टेलीविजन शो इतने लंबे समय तक नहीं चलते।"
हालाँकि, अभिनेता इसे पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उनका तर्क है कि छोटे चक्र में दर्शकों को विविध कहानियाँ मिलती हैं और कलाकारों को भी नए किरदार निभाने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा, "टेलीविजन समय के हिसाब से बदल रहा है" — और यह बदलाव रचनात्मकता के लिए एक अवसर भी है।
उद्योग पर व्यापक नज़रिया
यह ऐसे समय में आया है जब ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने पारंपरिक टेलीविजन की दर्शक संख्या को चुनौती दी है। गौरतलब है कि कई अनुभवी टीवी अभिनेता अब वेब सीरीज़ की ओर रुख कर रहे हैं, और हसीजा जैसे कलाकारों का अनुभव इस बदलाव की जीवंत गवाही है। आने वाले समय में 'तुमसे तुम तक' में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि वे इस नई प्रतिस्पर्धा में कहाँ खड़े होते हैं।