'क्या खामोशियां डायलॉग से ज्यादा बोलती हैं?' 'तस्करी' के ग्रे किरदार पर नंदीश संधू का खुलासा
सारांश
Key Takeaways
- नंदीश संधू का किरदार गहराई और जटिलताओं से भरा है।
- निर्देशक नीरज पांडे का काम अद्वितीय है।
- किरदार की खामोशियां डायलॉग से अधिक बोलती हैं।
- असली कस्टम अधिकारियों से मिलने के अनुभव ने किरदार में वास्तविकता जोड़ी।
- चुनौतीपूर्ण दृश्यों ने कलाकारों को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला।
मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता इमरान हाशमी की नई वेब सीरीज 'तस्करी' इस समय काफी चर्चित है। यह सीरीज कानून और अपराध के बीच की धुंधली रेखा को दर्शाती है। इसमें अभिनेता नंदीश संधू एक ऐसे किरदार में दिखाई देंगे, जो बाहरी तौर पर सख्त, भीतर से उलझा और परिस्थितियों से जूझ रहा है। इस सीरीज के लिए दमदार निर्देशन, गहरी रिसर्च और शानदार अभिनय का समावेश किया गया है, जिस पर नंदीश संधू ने राष्ट्र प्रेस से खुलकर चर्चा की।
नंदीश संधू ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, ''तस्करी'' की कहानी ने मुझे सबसे पहले आकर्षित किया। निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम ने जिस तरह से गहन रिसर्च के साथ कहानी का निर्माण किया, वह प्रारंभ से ही खास लगी। पढ़ते ही किरदारों की दुनिया मेरी आंखों के सामने आ गई। मुझे मेरा किरदार रविंद्र गुर्जर बहुत पसंद आया। इस किरदार का अतीत, उसकी सोच, उसके रिश्ते और उसका व्यवहार बहुत ही सलीके से गढ़ा गया है। इससे दर्शक यह समझ पाएंगे कि वह जैसा है, वैसा क्यों है।''
समकालीन सिनेमा और नैतिक रूप से धुंधले किरदारों की तैयारी पर नंदीश ने कहा, ''मुझे ऐसे किरदार सबसे अधिक पसंद हैं, जिनकी खामोशियां डायलॉग से ज्यादा बोलती हैं। जब किरदार को अच्छे या बुरे में बांट दिया जाता है, तो अभिनय सीमित हो जाता है। लेकिन जब उनके भीतर विरोधाभास, चुप्पियां और अनकहे भाव होते हैं, तभी असली अभिनय की गुंजाइश बनती है।''
उन्होंने बताया कि 'तस्करी' में उन्हें लेखन और निर्देशन टीम से भरपूर सहयोग मिला। स्क्रिप्ट में उनके किरदार की असुरक्षाएं, डर और कमजोरियां साफ-साफ लिखी गई थीं। इसके अलावा, कलाकारों को असली कस्टम अधिकारियों से मिलने का अवसर दिया गया, जिससे किरदार को समझने में मदद मिली।
सह-निर्देशक राघव के साथ काम करने के अनुभव पर नंदीश ने कहा, ''वह बेहद स्पष्ट सोच वाले निर्देशक हैं। उनकी तैयारी और रिसर्च में कोई कमी नहीं थी। सेट पर हर सवाल का सटीक जवाब मिलता था, जिससे काम करना आसान और संतोषजनक हो गया।''
अपने किरदार के बारे में नंदीश ने कहा, ''कहानी में हर एक कदम के पीछे ठोस वजह है। कुछ भी यूं ही नहीं होता। ट्रेलर में दिखने वाले भावनात्मक और एक्शन सीन इस बात का संकेत देते हैं कि हर किरदार अपने हालात और सोच के अनुसार फैसले लेते हैं। मेरा किरदार किसी एक पक्ष में खड़ा नजर नहीं आता, बल्कि उसकी परतें धीरे-धीरे खुलती हैं।''
चुनौतीपूर्ण दृश्यों के बारे में नंदीश ने कहा, ''सीरीज में एक इमोशनल सीन ऐसा था, जिसे एक बेहद थकाऊ एक्शन सीन के तुरंत बाद फिल्माया गया। रात की शूटिंग, बिना आराम के, शारीरिक और मानसिक थकान के बावजूद उस सीन ने एक अलग ही सच्चाई पकड़ी। निर्देशक नीरज पांडे अंडरटोन और साइलेंस पर खास ध्यान देते हैं, जो कलाकार को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकालता है।''