अंगद हसीजा बोले: चार-पाँच साल चलने वाले सीरियल्स अब नहीं रहे, टीवी में विविधता ज़रूर बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
'सपना बाबुल का...बिदाई' में आलेख की भूमिका से घर-घर पहचाने जाने वाले अभिनेता अंगद हसीजा ने 17 अगस्त 2026 को मुंबई में एक खास बातचीत में भारतीय टेलीविजन के बदलते स्वरूप पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि जहाँ आज के टीवी में कहानियों की विविधता बढ़ी है, वहीं चार-पाँच साल तक चलने वाले लंबे धारावाहिकों की कमी साफ महसूस होती है।
टेलीविजन में आया बड़ा बदलाव
अंगद हसीजा ने कहा, 'काफी समय हो गया है और चीजें काफी बदल गई हैं। एक समय था, जब टेलीविजन आज से बहुत अलग हुआ करता था। अब चैनल अपने आसपास हो रही चीजों को देखते हैं और उसी के हिसाब से दर्शकों के लिए कहानियाँ लेकर आते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले एक खास तरह का ड्रामा हावी रहता था, लेकिन अब टेलीविजन कुछ अलग दिखाने की कोशिश कर रहा है।
निर्देशकों की सोच हुई स्पष्ट
अभिनेता के अनुसार, 'मुझे लगता है कि निर्देशक अपने काम को लेकर पहले से ज्यादा साफ सोच रखते हैं। उन्हें पता होता है कि किसी सीन को किस तरह दिखाना है और कैमरे के सामने उसे किस तरह शूट करना है।' उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों के पास अब पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प हैं, जिससे उनकी पसंद भी काफी बदल गई है।
लंबे धारावाहिकों की कमी खलती है
जब उनसे पुराने दौर के टेलीविजन की सबसे यादगार बात पूछी गई, तो अंगद हसीजा ने लंबे समय तक चलने वाले शोज़ का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'उस समय में सीरियल चार-पाँच साल तक चलते थे। इस दौरान कलाकार और दर्शक एक-दूसरे से काफी गहराई से जुड़ जाते थे। आज के दौर में इतने लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिक कम नज़र आते हैं।'
वेब सीरीज़ और छोटे फॉर्मेट ने बदला मनोरंजन का परिदृश्य
अंगद ने टेलीविजन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर कहा, 'पहले टीवी के पास मुकाबले के इतने माध्यम नहीं थे, लेकिन अब छोटे फॉर्मेट वाले शोज़ और वेब सीरीज़ ने मनोरंजन की दुनिया को काफी बदल दिया है। ऐसे में दर्शकों के पास चुनने के लिए बहुत कुछ है और कलाकारों के लिए भी काम के अलग-अलग रास्ते खुल गए हैं।'
अंगद हसीजा का टेलीविजन सफर
अंगद हसीजा को 2007 में शुरू हुए सीरियल 'सपना बाबुल का...बिदाई' में आलेख के किरदार से बड़ी पहचान मिली। इसके बाद वह 'तेरा रंग चढ़ेया' में जिमी ढिल्लों (JD) के रूप में नज़र आए। फिलहाल वह 'तुम से तुम तक' में यश वर्धन की भूमिका निभा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब टेलीविजन उद्योग ओटीटी प्लेटफॉर्म से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है, और लंबे समय तक चलने वाले शोज़ की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है।