30 अक्टूबर 2026
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मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में ₹66 लाख का हाइड्रो गांजा बरामद, सतारा के दो तस्कर गिरफ्तार

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मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में ₹66 लाख का हाइड्रो गांजा बरामद, सतारा के दो तस्कर गिरफ्तार

सारांश

मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने अंधेरी एमआईडीसी में गश्त के दौरान ₹66 लाख से अधिक कीमत का हाइड्रो गांजा पकड़ा। सतारा जिले से आए दोनों आरोपी मुंबई में यह नशीला पदार्थ बेचने की फिराक में थे। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

30 अक्टूबर 2026 को अंधेरी (पूर्व), एमआईडीसी में ₹66 लाख 36 हज़ार कीमत का 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा ज़ब्त।
गिरफ्तार आरोपी: ओंकार राजेंद्र पवार (28 वर्ष) और पियुष मधुकर घोंगडे (22 वर्ष) , दोनों निवासी तालुका कोरेगाँव, जिला सतारा ।
दोनों आरोपी सतारा से मुंबई में हाइड्रो गांजा बेचने के इरादे से आए थे।
कार्रवाई पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे की टीम ने शाम 7:50 बजे गश्त के दौरान की।
एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज; पुलिस आपूर्ति नेटवर्क की जाँच में जुटी।

मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने 30 अक्टूबर 2026 को अंधेरी (पूर्व) स्थित एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी नशा-विरोधी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा ज़ब्त किया, जिसकी बाज़ार कीमत ₹66 लाख 36 हज़ार आँकी गई है। इस मामले में सतारा जिले के दो युवकों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।

कैसे हुई कार्रवाई

एमआईडीसी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे और उनकी टीम गुरुवार शाम 7 बजकर 50 मिनट पर जे.के. इंडस्ट्रियल इस्टेट, पेपर बॉक्स रोड, एमआईडीसी, अंधेरी (पूर्व) में गश्त पर थी। इसी दौरान दो युवक संदिग्ध अवस्था में घूमते नज़र आए।

पुलिस को देखते ही दोनों ने अपने हाथों में मौजूद लाल रंग की प्लास्टिक बैग छिपाने का प्रयास किया और भागने लगे। सतर्क टीम ने दोनों को तत्काल दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने टालमटोल किया, किंतु सख्ती के बाद उन्होंने बैग में हाइड्रो गांजा होने की बात स्वीकार की।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान ओंकार राजेंद्र पवार (उम्र 28 वर्ष, निवासी — भाकरवाडी, तालुका कोरेगाँव, जिला सतारा) और पियुष मधुकर घोंगडे (उम्र 22 वर्ष, निवासी — वाठार स्टेशन, तालुका कोरेगाँव, जिला सतारा) के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार दोनों सतारा जिले से मुंबई में हाइड्रो गांजा बेचने के इरादे से आए थे।

दोनों के विरुद्ध एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले के आपूर्ति नेटवर्क की जाँच में जुटी है।

नेतृत्व और टीम

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती, सह आयुक्त (कानून एवं सुव्यवस्था) डॉ. मनोजकुमार शर्मा, अपर आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) डॉ. अभिनव देशमुख, पुलिस उप आयुक्त (परिमंडल-3) दत्ता नलावडे और सहायक आयुक्त (अंधेरी विभाग) योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में हुई। मैदानी टीम की अगुआई वरिष्ठ निरीक्षक धनंजय नायर और निरीक्षक सुनील कांडे ने की। उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे, पुलिस हवलदार गौतम बडे, बाबू येडगे, सचिन थोंबरे, पुलिस कांस्टेबल लोखंडे और बिनल शिंगणे इस दल में शामिल थे।

हाइड्रो गांजा क्यों है ख़तरनाक

हाइड्रो गांजा, जिसे 'हाइड्रोपोनिक कैनाबिस' भी कहते हैं, पारंपरिक गांजे की तुलना में कहीं अधिक सांद्रता वाला नशीला पदार्थ है और इसकी बाज़ार में काफी ऊँची कीमत होती है। गौरतलब है कि मुंबई जैसे महानगरों में इसकी तस्करी पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ी है।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और इस तस्करी नेटवर्क के अन्य कड़ियों की पहचान के लिए जाँच व्यापक की जा रही है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या इस नेटवर्क की जड़ें सतारा से आगे तक फैली हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली ज़रूरत उस सप्लाई चेन को तोड़ने की है जो बार-बार नए तस्करों को इस धंधे में धकेलती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंधेरी एमआईडीसी में बरामद हाइड्रो गांजा क्या है?
हाइड्रो गांजा (हाइड्रोपोनिक कैनाबिस) एक विशेष तकनीक से उगाया गया उच्च सांद्रता वाला नशीला पदार्थ है जो पारंपरिक गांजे की तुलना में काफी महँगा और ज़्यादा असरदार होता है। 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई पुलिस ने एमआईडीसी, अंधेरी (पूर्व) में 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत ₹66 लाख 36 हज़ार आँकी गई है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार दोनों आरोपी ओंकार राजेंद्र पवार (28 वर्ष) और पियुष मधुकर घोंगडे (22 वर्ष) हैं, जो सतारा जिले के तालुका कोरेगाँव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार दोनों हाइड्रो गांजा बेचने के लिए सतारा से मुंबई आए थे।
मुंबई पुलिस को इन आरोपियों पर संदेह कैसे हुआ?
एमआईडीसी पुलिस थाने की एंटी नारकोटिक्स टीम गुरुवार शाम 7:50 बजे जे.के. इंडस्ट्रियल इस्टेट, पेपर बॉक्स रोड पर गश्त पर थी। पुलिस को देखते ही दोनों युवकों ने लाल प्लास्टिक बैग छिपाने की कोशिश की और भागने लगे, जिससे टीम को संदेह हुआ और उन्हें तत्काल पकड़ लिया गया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
दोनों आरोपियों के विरुद्ध एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है और फिलहाल उनसे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों की पहचान के लिए जाँच कर रही है।
यह कार्रवाई किन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई?
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती के समग्र मार्गदर्शन में, वरिष्ठ निरीक्षक धनंजय नायर और निरीक्षक सुनील कांडे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे की टीम ने अंजाम दी।
राष्ट्र प्रेस
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