29 सितंबर 2026
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आंध्र प्रदेश चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनाव टलने की खबरें खारिज कीं, फर्जी सूचना पर चेतावनी

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आंध्र प्रदेश चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनाव टलने की खबरें खारिज कीं, फर्जी सूचना पर चेतावनी

सारांश

आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनाव दो महीने टलने की सोशल मीडिया खबरों को झूठ बताया। आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने चेताया कि फर्जी सूचना फैलाने पर कानूनी कार्रवाई होगी। मंडल और जिला प्रजा परिषदों का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो चुका है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने 29 सितंबर 2026 को स्थानीय निकाय चुनाव दो महीने टलने की खबरों को पूरी तरह खारिज किया।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने इसे 'झूठी और अनाधिकृत जानकारी' बताया।
आयोग ने चेतावनी दी कि फर्जी सूचना फैलाने पर कानून के तहत कार्रवाई होगी।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा केवल आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस रिलीज के जरिए होगी।
मंडल प्रजा परिषदों का कार्यकाल 23 सितंबर और जिला प्रजा परिषदों का 24 सितंबर को समाप्त हो चुका है।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने इसी माह परिसीमन याचिकाएँ खारिज कर बड़ी कानूनी अड़चन दूर की थी।

आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा में अभी दो महीने और लगेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने इसे 'पूरी तरह झूठी और अनाधिकृत जानकारी' बताते हुए जनता और राजनीतिक दलों से इस पर भरोसा न करने की अपील की।

क्या थी वायरल खबर

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों में कहा जा रहा था कि आयोग वोटर लिस्ट और आरक्षण से जुड़े न्यायालय के मामलों में क्लीयरेंस मिलने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा। साथ ही यह दावा भी किया जा रहा था कि देरी के बावजूद चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है।

चुनाव आयुक्त पुनेठा ने स्पष्ट किया कि यह दोनों दावे तथ्यहीन हैं और यह जानकारी आयोग की ओर से कभी जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना को आगे फॉरवर्ड करना भी उचित नहीं है।

आयोग की चेतावनी

आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने सभी नागरिकों, राजनीतिक दलों और हितधारकों को चेतावनी दी है कि आयोग के नाम पर फर्जी, भ्रामक या अनाधिकृत जानकारी फैलाने पर कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव कार्यक्रम से जुड़ी कोई भी आधिकारिक सूचना केवल आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या आधिकारिक प्रेस रिलीज के माध्यम से ही दी जाएगी। व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या किसी अनौपचारिक माध्यम से प्राप्त जानकारी को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित किए बिना साझा न करें।

कानूनी अड़चन हुई थी दूर

गौरतलब है कि इसी महीने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने नगर पालिकाओं और नगर निगमों में वार्डों एवं डिवीजनों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिससे स्थानीय निकाय चुनाव कराने में आ रही बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई थी।

अदालत के इस आदेश के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने वार्ड पुनर्गठन की प्रक्रिया फिर से आरंभ कर दी है। राज्य चुनाव आयोग भी ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है।

मौजूदा निकायों का कार्यकाल समाप्त

मौजूदा मंडल प्रजा परिषदों का पाँच वर्षीय कार्यकाल 23 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया, जबकि जिला प्रजा परिषदों का कार्यकाल 24 सितंबर 2026 को खत्म हुआ। इन निकायों का कार्यकाल खत्म होने के बाद से ही चुनाव की तारीखों को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म था, जिसे अब आयोग ने सिरे से नकार दिया है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें राज्य चुनाव आयोग की अगली आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जिसमें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की उम्मीद की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्थानीय निकाय बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के चल रहे हैं और जनता चुनाव की तारीखों की प्रतीक्षा में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस शासन-शून्य की खाई में अफवाहें पनपती हैं। असली सवाल यह है कि हाई कोर्ट की कानूनी अड़चन हटने के बाद भी आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक समयसीमा क्यों नहीं दी — यह पारदर्शिता की कमी ही ऐसी अटकलों की असली जड़ है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव कब होंगे?
राज्य चुनाव आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा केवल आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस रिलीज के माध्यम से ही की जाएगी।
आंध्र प्रदेश चुनाव आयोग ने किस खबर को झूठ बताया?
आयोग ने उन सोशल मीडिया दावों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने में दो महीने और लगेंगे और आयोग वोटर लिस्ट व आरक्षण से जुड़े कोर्ट केस में क्लीयरेंस का इंतजार कर रहा है। आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने इसे पूरी तरह तथ्यहीन बताया।
फर्जी चुनाव सूचना फैलाने पर क्या होगा?
आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि आयोग के नाम पर भ्रामक या अनाधिकृत जानकारी फैलाने पर कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे व्हाट्सएप या सोशल मीडिया की जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित करें।
आंध्र प्रदेश में मंडल और जिला प्रजा परिषदों का कार्यकाल कब समाप्त हुआ?
मंडल प्रजा परिषदों का पाँच वर्षीय कार्यकाल 23 सितंबर 2026 को और जिला प्रजा परिषदों का कार्यकाल 24 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया। तब से इन निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश से चुनाव में क्या बदला?
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने इसी महीने नगर पालिकाओं और नगर निगमों के वार्ड परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिकाएँ खारिज कर दीं, जिससे चुनाव की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई। इसके बाद राज्य सरकार ने वार्ड पुनर्गठन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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