फ्रेंच ओपन 2025: 19 वर्षीय आंद्रीवा ने च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया, पेरिस में 1992 के बाद सबसे युवा चैंपियन
सारांश
मुख्य बातें
मीरा आंद्रीवा ने 7 जून 2025 को स्टेड रोलैंड-गैरोस, पेरिस में फ्रेंच ओपन विमेंस सिंगल्स फाइनल में माजा च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। आठवीं वरीयता प्राप्त इस रूसी खिलाड़ी ने महज 19 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल करते हुए 1992 में मोनिका सेलेस के बाद पेरिस में सबसे युवा महिला सिंगल्स चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।
मैच का घटनाक्रम
यह फाइनल मुकाबला 1 घंटे 22 मिनट तक चला। तेज हवाओं के बीच शुरुआती चार गेम में लगातार सर्विस ब्रेक हुए और दोनों खिलाड़ियों को लय पकड़ने में समय लगा। वर्ल्ड नंबर 114 च्वालिंस्का पहले अपनी सर्विस होल्ड करने वाली खिलाड़ी बनीं और कुछ देर के लिए दर्शकों का ध्यान खींचा।
हालांकि, आंद्रीवा ने जल्द ही मैच की कमान अपने हाथ में ले ली। उन्होंने लगातार नौ गेम जीतकर पहले सेट से आगे बढ़ते हुए 6-3, 5-0 की बढ़त बनाई। पहले मैच पॉइंट पर सर्विस से जीत का मौका चूकने के बावजूद आंद्रीवा ने संयम बनाए रखा और च्वालिंस्का की सर्विस पर मैच अपने नाम किया।
रोलैंड-गैरोस से आंद्रीवा का सफर
आंद्रीवा का इस प्रतिष्ठित क्ले-कोर्ट टूर्नामेंट से गहरा नाता रहा है। वह 2023 में क्वालीफाइंग राउंड से गुजरकर मेन ड्रॉ में पहुँची थीं और सेमीफाइनल तक का सफर तय कर सुर्खियों में आई थीं। दो साल के अंतराल के बाद, इस बार वह पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुँचीं और खिताब अपने नाम किया।
कोच कोंचिता मार्टिनेज की भूमिका
जीत के बाद भावुक आंद्रीवा कोर्ट पर गिर पड़ीं और फिर अपनी कोच कोंचिता मार्टिनेज को गले लगाया। 1994 की विंबलडन चैंपियन और पूर्व वर्ल्ड नंबर 2 मार्टिनेज ने आंद्रीवा के खेल को निखारने में निर्णायक भूमिका निभाई है। यह जोड़ी टेनिस जगत में एक उभरती हुई ताकत के रूप में देखी जा रही है।
आंद्रीवा की प्रतिक्रिया
ट्रॉफी सेरेमनी में आंद्रीवा ने कहा, 'मैं बहुत छोटी उम्र से ही टीवी पर रोलैंड-गैरोस देखती आ रही हूं। इस टूर्नामेंट को जीतना हमेशा से मेरा सपना रहा है। सच कहूं तो मुझे यकीन ही नहीं हो रहा कि अभी मेरे हाथों में यह ट्रॉफी है।' यह जीत आंद्रीवा के करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है और महिला टेनिस में एक नई पीढ़ी के उदय का संकेत देती है।