अनिल विज का राहुल गांधी पर तीखा हमला: 'नसों में दादी का तानाशाही खून', CEC हटाने की मांग को बताया बहानेबाजी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने 30 सितंबर 2026 को अंबाला में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की माँग को सिरे से खारिज करते हुए इंडिया गठबंधन पर तीखा पलटवार किया। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद की आड़ में चल रही इस मुहिम को विज ने 'फेल छात्र की बहानेबाजी' करार दिया और सीधा सवाल दागा कि यदि मतदाता सूचियाँ ही फर्जी हैं, तो उन्हीं सूचियों के बूते जीते विपक्षी सांसद और विधायक अपनी कुर्सियाँ क्यों नहीं छोड़ रहे।
विज का विपक्ष पर सीधा प्रहार
विज ने कहा, 'यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई बच्चा स्कूल में फेल हो जाए और घर आकर रोए कि टीचर खराब था, स्कूल खराब था, या बेंच खराब थी। लेकिन जब वे जीतते हैं, तो वे यह नहीं कहते, है ना? उन्होंने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक या केरल में ऐसा नहीं कहा। अब वे हर जगह जुलूस निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि इलेक्टोरल रोल गलत हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि यदि वाकई इलेक्टोरल रोल गलत थे, तो उन्हीं के आधार पर जीते सभी विधायक और सांसद को तत्काल इस्तीफा देकर सड़कों पर उतरना चाहिए। यह बयान विपक्ष की मुहिम की आंतरिक विसंगति को उजागर करने की कोशिश थी।
राहुल गांधी पर 'तानाशाही खून' वाला हमला
विज ने कांग्रेस पर देश की स्वायत्त संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालयों पर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर और अब चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करती है। विज का आरोप था कि इसकी जड़ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सोच है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी की नसों में उनकी दादी का तानाशाही वाला खून दौड़ रहा है। वो प्रजातंत्र को खत्म करके देश में तानाशाही लाना चाहते हैं, इसलिए लगातार स्वायत्त संस्थाओं का विरोध किया जा रहा है।' उल्लेखनीय है कि विज यह संदर्भ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल से जोड़ रहे थे।
राजीव चंद्रशेखर का इंडिया गठबंधन पर सवाल
केरल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष एवं विधायक राजीव चंद्रशेखर ने भी विपक्ष के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन से किसी को पूछना चाहिए कि आप किस बात का विरोध कर रहे हैं? क्या आप इस बात का विरोध कर रहे हैं कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया?'
चंद्रशेखर ने गठबंधन की आंतरिक दरारों का भी हवाला दिया — उनके अनुसार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और समाजवादी पार्टी समेत अन्य दल गठबंधन से दूरी बना चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी खुद अपने ही इंडिया गठबंधन के सदस्य पी. विजयन को जेल भेजने की बात करते हैं, जो गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़ा करता है।
केरल और वित्तीय संकट का संदर्भ
चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उनके लिए यह स्थिति 'निंदनीय' है, क्योंकि एक तरफ केंद्र सरकार ने केरल के गहरे वित्तीय संकट को देखते हुए राज्य को समर्थन देने की पहल की है। उन्होंने उल्लेख किया कि गृह मंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में केरल के मंत्रियों को मिलने के लिए आमंत्रित किया था।
विवाद का पृष्ठभूमि
यह विवाद चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू करने के बाद उठा है, जिस पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताते हुए CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग की। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आए हों; हाल के वर्षों में ईवीएम विवाद से लेकर चुनावी बॉन्ड मामले तक, चुनाव आयोग की भूमिका पर राजनीतिक बहस गहरी होती रही है। आगे देखना होगा कि विपक्ष की यह मुहिम संसदीय स्तर तक पहुँचती है या नहीं।