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क्या अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में दूसरे देशों से आए पतंगबाजों का अनुभव भारत में शानदार है?

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क्या अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में दूसरे देशों से आए पतंगबाजों का अनुभव भारत में शानदार है?

सारांश

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 ने सूरत और राजकोट में अद्भुत रंग बिखेरा है। इस महोत्सव में भाग लेने आए विदेशी पतंगबाजों ने भारत के अनुभव को शानदार बताया है। जानें, इस भव्य आयोजन में क्या खास है।

मुख्य बातें

गुजरात में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 देश-विदेश से आए 20 राज्यों के पतंगबाज सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रदर्शन विदेशी पतंगबाजों का भारत के प्रति सकारात्मक अनुभव महोत्सव का आयोजन गुजरात टूरिज्म कॉरपोरेशन द्वारा

गांधीनगर, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के सूरत और राजकोट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 की चमक अद्भुत है। देश-विदेश से आए पतंगबाजों ने आसमान को रंगीन पतंगों से सजा दिया है। यह भव्य आयोजन एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक विविधता और मेहमाननवाजी को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है।

सूरत में आयोजित इस महोत्सव के बारे में भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने राष्ट्र प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन को गुजरात टूरिज्म कॉरपोरेशन, सूरत नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर आयोजित किया है।

उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में लगभग 5 से 7 देशों के प्रतिभागी शामिल हैं, जबकि भारत के 20 राज्यों से पतंगबाज इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।

महोत्सव में भाग लेने आए पंजाब के पतंगबाज देविंदरपाल सिंह ने बताया कि वे चंडीगढ़ से सूरत पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई बार गुजरात आ चुके हैं, लेकिन यह उनका सूरत का पहला दौरा है। देविंदरपाल सिंह ने सूरत को एक खूबसूरत शहर बताते हुए कहा कि यहां के लोग बहुत अच्छे और सहयोगी हैं।

तुर्की से आए पतंगबाज सुन ने कहा कि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। वे पहले अन्य देशों में आयोजित पतंग महोत्सवों में लोगों से भारत के बारे में सुन चुके थे और सभी ने भारत की हमेशा तारीफ की। अब वे स्वयं भारत आकर यहां का अनुभव ले रहे हैं।

मैक्सिको से आए पतंगबाज डेविड ने कहा कि उनकी विशेषता बड़े आकार की पतंग उड़ाना है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कला दिखाना उनके लिए गर्व की बात है।

लंदन से आईं स्पिनी मार्शल ने कहा, "यह उनकी भारत की तीसरी यात्रा है और सूरत की दूसरी। यह महोत्सव उन्हें बेहद पसंद है। मैं यहां बहुत अच्छा समय बिता रही हूं और यहां के लोग बेहद गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।"

राजकोट में भी पतंग महोत्सव का उत्साह देखने को मिला। वहां पहुंचे एक प्रतिभागी ने कहा कि वे यहां मौजूद लोगों के साथ पतंग उड़ाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि वे हर साल भारत लौटते हैं, क्योंकि यह दुनिया का सबसे बेहतरीन पतंग महोत्सव है।

राजकोट आए एक अन्य प्रतिभागी ने बताया कि यह उनका पहला दौरा है। वे इस भव्य आयोजन का अनुभव करने के लिए बेहद उत्सुक हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को मजबूत किया है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव कब आयोजित होता है?
यह महोत्सव हर वर्ष जनवरी में आयोजित किया जाता है।
इस महोत्सव में कितने देशों के पतंगबाज शामिल होते हैं?
इस महोत्सव में लगभग 5 से 7 देशों के पतंगबाज भाग लेते हैं।
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मेहमाननवाजी को प्रदर्शित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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