क्या 7 साल की उम्र से संगीत सीखकर मिथुन ने अपनी पहचान बनाई है?

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क्या 7 साल की उम्र से संगीत सीखकर मिथुन ने अपनी पहचान बनाई है?

सारांश

क्या मिथुन ने 7 साल की उम्र से संगीत सीखकर अपनी पहचान बनाई है? जानिए कैसे उन्होंने अपनी मेहनत से बॉलीवुड में एक अलग जगह बनाई और मेलोडी के महत्व को समझाया।

Key Takeaways

  • संगीत की शुरुआत 7 साल की उम्र में हुई।
  • मेलोडी को गाने की आत्मा माना जाता है।
  • मिथुन के चाचा प्यारेलाल मशहूर संगीतकार थे।
  • तेरे बिन ने मिथुन को पहचान दिलाई।
  • मिथुन ने 2022 में पलक मुच्छल से शादी की।

मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सात साल की उम्र से संगीत में रुचि रखने वाले मिथुन ने अपनी मीठी धुनों के जरिए बॉलीवुड में एक अनोखी पहचान बनाई है। उनका मानना है कि हर गाने की आत्मा मेलोडी में ही होती है और बिना मेलोडी के कोई गाना पूर्ण नहीं हो सकता। मशहूर म्यूजिक कंपोजर मिथुन का 11 जनवरी को जन्मदिन है।

मिथुन ने 11 साल की उम्र से ही संगीत की शिक्षा लेना शुरू कर दी थी और अपने पिता नरेश शर्मा के साथ स्टूडियो भी जाया करते थे। उनके पिता और दादा भी संगीत के क्षेत्र में प्रतिष्ठित थे। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी में से एक प्यारेलाल रामप्रसाद शर्मा, मिथुन के चाचा थे।

मिथुन ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में फिल्म 'जहर' के गाने 'वो लम्हे' से की, जो एक रीक्रिएटेड गाना था। इसके बाद 'कलियुग' में 'अब तो आदत सी है मुझको' जैसे गाने ने उन्हें पहचान दिलाई। असली सफलता उन्हें 2007 में मिली, जब फिल्म 'अनवर' के गाने 'तोसे नैना लागे' और 'मौला मेरे' हिट हुए, लेकिन सबसे बड़ा ब्रेकपॉइंट आया 'तेरे बिन' गाने से, जिसे आतिफ असलम ने गाया था। इस गाने ने उन्हें पहला स्टारडस्ट अवॉर्ड दिलाया और उन्हें 'तेरे बिन' के कंपोजर के रूप में जाना जाने लगा।

साल 2013 में फिल्म 'आशिकी 2' के गाने 'तुम ही हो' ने मिथुन को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। यह गाना आज भी लाखों दिलों में बसा है। इसके अलावा, उन्होंने कई हिट फिल्मों के लिए संगीत दिया, जैसे 'अलोन', 'आल इज वेल', 'कयामत से कयामत तक', 'ट्रैफिक', 'शिवाय', 'हाफ गर्लफ्रेंड', 'एक विलेन', 'सनम रे', 'की एंड का', 'बागी 2', 'कबीर सिंह', 'खुदा हाफिज', 'राधे श्याम', और 'गदर 2'

मिथुन ने गैर-फिल्मी एल्बम में भी काम किया। वह आतिफ असलम और अभिजीत सावंत के साथ जुड़े रहे और कई एल्बम में काम किया। उनकी धुनें रोमांटिक, भावुक और यादगार होती हैं, जो सुनने वालों को लंबे समय तक प्रभावित करती हैं। मिथुन मेलोडी को गाने की ताकत और आत्मा दोनों मानते हैं।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि मेलोडी का क्या महत्व है। उन्होंने कहा, “संगीत बनाना और सुनना एक प्रक्रिया है। हर गाने की एक आत्मा होती है। यह लोगों की पसंद पर निर्भर करता है, लेकिन बिना मेलोडी के गाना बन ही नहीं सकता। मेरा मानना है कि गाने की ताकत और आत्मा दोनों मेलोडी होती हैं।”

मिथुन ने 2022 में मशहूर गायिका पलक मुच्छल से विवाह किया।

Point of View

जो यह दर्शाती है कि संगीत की दुनिया में मेहनत और समर्पण से कोई भी ऊँचाई हासिल की जा सकती है। उनकी मेहनत ने उन्हें न केवल पहचान दिलाई, बल्कि उन्होंने मेलोडी के महत्व को भी समझाया। यह कहानी समर्पण और जुनून का प्रतीक है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

मिथुन ने संगीत की शिक्षा कब शुरू की?
मिथुन ने 11 साल की उम्र से संगीत की तालीम लेना शुरू किया।
'तेरे बिन' गाने से मिथुन को क्या मिला?
'तेरे बिन' गाने ने मिथुन को पहला स्टारडस्ट अवॉर्ड दिलाया।
मिथुन के चाचा कौन थे?
मिथुन के चाचा प्यारेलाल रामप्रसाद शर्मा थे।
मिथुन ने कब शादी की?
मिथुन ने 2022 में पलक मुच्छल से शादी की।
मिथुन का सबसे हिट गाना कौन सा है?
'तुम ही हो' गाना मिथुन का एक बहुत ही हिट गाना है।
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