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अनु अग्रवाल ने एक्सीडेंट के बाद भी कैसे की शूटिंग, जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी

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अनु अग्रवाल ने एक्सीडेंट के बाद भी कैसे की शूटिंग, जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी

सारांश

अनु अग्रवाल ने अपने जीवन के हादसे को एक नई शुरुआत मानते हुए, पैर में चोट के बावजूद फिल्म की शूटिंग पूरी की। उनकी यह कहानी प्रेरणा देती है।

मुख्य बातें

दृढ़ता: अनु ने कठिनाइयों का सामना किया।
योग का महत्व: योग ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया।
सकारात्मकता: अनु ने अपने अनुभवों से दूसरों को प्रेरित किया।
निर्णय: फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाकर योगा टीचर बनने का फैसला।
आत्मकथा: अनु की कहानी को जानने के लिए उनकी पुस्तक पढ़ें।

मुंबई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'आशिकी' की चर्चित अदाकारा अनु अग्रवाल का मानना है कि उनके साथ हुआ हादसा केवल एक जख्म नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। इस संदर्भ में, वह अक्सर अपने जीवन के कठिन अध्यायों से जुड़े सकारात्मक संदेश अपने प्रशंसकों के साथ साझा करती हैं।

हाल ही में, अनु ने अपने एक पुरानी फिल्म के सेट की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए अपने भीषण कार हादसे के बाद की एक घटना को बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक गलत नस में इंजेक्शन लग गया, जिससे वह फिर से बेहोश हो गईं। अस्पताल से लौटते ही वह फिल्म के सेट पर पहुंच गईं।

अनु ने लिखा, “मैं मरी नहीं। मैं अस्पताल में थी, और वहां एक गलत इंजेक्शन मेरी नस में लग गया। मैं चीखी और बेहोश हो गई। अगले दिन मैं सेट पर वापस पहुंच गई। मेरा पैर घायल था और उस पर पट्टी बंधी हुई थी।”

उन्होंने आगे बताया, “फिल्म के कॉस्ट्यूम में पैर की तरफ एक स्लिट था, जिसे ड्रेस डिजाइनर ने उल्टा कर दिया था। इसके बाद मैं घायल पैर के साथ शूटिंग में शामिल हो सकी। उस सीन में सैकड़ों डांसर थे और महल का भव्य सेट तैयार किया गया था। प्रोडक्शन में कई दिनों की मेहनत लगी थी।”

अनु ने कहा कि उन्हें पता था कि प्रोड्यूसर का पैसा, पूरे क्रू का समय और बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ था। उन्होंने कहा, “मैं अपनी वजह से किसी का नुकसान नहीं होने दे सकती थी, इसलिए मैं दर्द सहते हुए भी शूटिंग पूरी करने के लिए सेट पर डटी रही।”

साल 1999 में हुए भीषण कार एक्सीडेंट के बाद अनु अग्रवाल की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। हालाँकि, 'आशिकी गर्ल' इसे जख्म नहीं, बल्कि जिंदगी की एक नई शुरुआत मानती हैं।

'आशिकी' से रातों-रात स्टार बनी अनु उस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। डॉक्टरों ने उनकी रिकवरी के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन अनु ने हार नहीं मानी। उन्होंने योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिकता को अपनाया। वह मानती हैं कि योग ने उन्हें न केवल शारीरिक रूप से ठीक किया, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती भी दी।

इस हादसे को लेकर वह सोशल मीडिया पर अक्सर सकारात्मक पोस्ट करती हैं। पूरी तरह से ठीक होने के बाद, उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बनाते हुए योगा टीचर बनने का निर्णय लिया। अनु अग्रवाल ने अपनी आत्मकथा 'अनयूजवल: मेमॉर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड' भी लिखी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाती है कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में सकारात्मकता बनाए रखना संभव है। उनके अनुभव हमें यह सिखाते हैं कि जीवन के किसी भी मोड़ पर हम खुद को मजबूत बना सकते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनु अग्रवाल का एक्सीडेंट कब हुआ था?
अनु अग्रवाल का एक्सीडेंट साल 1999 में हुआ था।
अनु ने अपने एक्सीडेंट के बाद क्या किया?
अनु ने अपनी चोट के बावजूद शूटिंग पूरी की और योग व मेडिटेशन अपनाया।
अनु अग्रवाल की आत्मकथा का नाम क्या है?
अनु अग्रवाल की आत्मकथा का नाम 'अनयूजवल: मेमॉर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड' है।
अनु अग्रवाल ने कैसे अपनी मानसिकता को बदला?
अनु ने योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिकता को अपनाकर अपनी मानसिकता को बदला।
अनु अग्रवाल सोशल मीडिया पर क्या साझा करती हैं?
अनु अक्सर अपने अनुभवों और सकारात्मकता को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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