क्या स्वास्थ्य सेवाओं में एआई क्रांति आ गई है? अनुप्रिया पटेल ने 50 हजार डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किया
सारांश
Key Takeaways
- 50 हजार डॉक्टरों के लिए एआई पर केंद्रित ऑनलाइन प्रशिक्षण।
- डॉक्टरों की डिजिटल क्षमताओं में सुधार।
- स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग आवश्यक।
- उभरती तकनीकों का जिम्मेदारी से उपयोग।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में नैतिकता और जवाबदेही पर जोर।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वायत्त निकाय नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा विकसित एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर केंद्रित है।
यह विशेष प्रशिक्षण लगभग 50 हजार डॉक्टरों के लिए तैयार किया गया है। इसमें डॉक्टरों को एआई की बुनियादी जानकारी दी जाएगी और क्लिनिकल प्रैक्टिस, डायग्नोस्टिक्स, क्लिनिकल निर्णय लेने, रिसर्च तथा मेडिकल शिक्षा में इसके उपयोग के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों की डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाना है, ताकि वे स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में एआई आधारित उपकरणों का आसानी से उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम के उद्घाटन पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक डॉक्टरों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने इसे समयानुसार और दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में जहां गैर-संचारी बीमारियां और टीबी जैसी चुनौतियां बड़ी हैं, इस तरह के कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को सिर्फ इलाज से आगे बढ़ाकर रोकथाम और सक्रिय दृष्टिकोण की दिशा में ले जा सकते हैं।
राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का उपयोग अब कोई विकल्प नहीं रहा, बल्कि यह एक आवश्यकता बन चुका है। उनका कहना है कि एआई का उद्देश्य डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है, बल्कि उनकी क्षमताओं को मजबूत करना है। यह डॉक्टरों की कमी को पूरा करने और मरीजों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद करेगा। उन्होंने नैतिकता, पहुंच और जवाबदेही पर भी जोर दिया, ताकि एआई का उपयोग रोगियों के हित में हो और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो।
अनुप्रिया पटेल ने एनबीईएमएस की इस पहल की सराहना की और कहा कि संस्थान ने कार्यक्रम की योजना और कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्य किया है। एनबीईएमएस उभरती तकनीकों को अपनाकर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहल मेडिकल शिक्षा को सशक्त बनाने और देशभर के डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐसी प्रयासें उभरती तकनीकों को जिम्मेदारी से अपनाने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और भारत के डिजिटल स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण हैं।
एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ ने बताया कि यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने और डॉक्टरों की क्षमता विकास को मजबूत करने की एनबीईएमएस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मंत्रालय के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि यह कार्यक्रम डॉक्टरों को सशक्त करेगा और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एनबीईएमएस के पदाधिकारी और मेडिसिन, मेडिकल शिक्षा तथा हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। यह पहल भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र को एआई की सहायता से और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।