सीएम योगी का सख्त निर्देश: अपराधियों पर कार्रवाई और जनसमस्या निस्तारण में ढिलाई नहीं चलेगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 अगस्त 2026 को सावन के पहले सोमवार पर लखनऊ में 'जनता दर्शन' के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अपराधियों पर कार्रवाई और जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठानों और मानसून सत्र की शासकीय जिम्मेदारियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
जनता दर्शन में उमड़ी फरियादें
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक कर मुलाकात की। उन्होंने सभी के प्रार्थना पत्र स्वयं लिए और संबंधित अधिकारियों को प्रेषित करते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुईं।
पुलिस की जवाबदेही पर सख्त रुख
'जनता दर्शन' में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और मुकदमों में दबाव जैसी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। शासन स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन जनपदों में ऐसे मामले अधिक संख्या में सामने आ रहे हैं, वहाँ के पुलिस कप्तान की जवाबदेही तय की जाए।
राजस्व और पारिवारिक विवादों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए उन्होंने पहले परस्पर संवाद और उसके बाद विधिक कार्यवाही अपनाने का मार्गदर्शन दिया। यह दृष्टिकोण न्यायालयों पर बोझ कम करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।
सरकार का संदेश: संवेदनशीलता और पारदर्शिता
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी समस्या का शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए और हर समाधान गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक होना आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।