क्या वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में 460 करोड़ के निवेश पर सहमति बनी है, जिससे रोजगार के 1300 नए अवसर सृजित होंगे?

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क्या वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में 460 करोड़ के निवेश पर सहमति बनी है, जिससे रोजगार के 1300 नए अवसर सृजित होंगे?

सारांश

अरवल्ली में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में 460 करोड़ के निवेश का ऐलान हुआ है, जिससे 1300 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना है और गुजरात की औद्योगिक पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रगति करना है।

मुख्य बातें

460 करोड़ का निवेश होगा 1300 नए रोजगार के अवसर उद्योग एवं खान-खनिज विभाग के 10 एमओयू गुजरात का औद्योगिक विकास भूपेंद्र पटेल का नेतृत्व

अरवल्ली, 06 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। अरवल्ली जिला मुख्यालय मोडासा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उद्योग एवं खान-खनिज विभाग द्वारा कुल 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उद्योग विभाग के 5 एमओयू के माध्यम से 344.23 करोड़ रुपए तथा खान एवं खनिज विभाग के 5 एमओयू के माध्यम से 125 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

इन परियोजनाओं से अनुमानित 1300 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जो अरवल्ली जिले के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात समिट के सफल मॉडल को अब राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रादेशिक स्तर पर विस्तारित कर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक नया अध्याय शुरू किया गया है।

इस अवसर पर उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप (आईएएस) ने अपने संबोधन में कहा, “2003 में शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल अब रीजनल स्तर पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक सामूहिक प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है, जो स्किल डेवलपमेंट, एमएसएमई और लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है। इस प्लेटफॉर्म से उद्योगों को प्रोत्साहन मिल रहा है, जो गुजरात के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”

गुजरात खनिज विकास निगम (जीएमडीसी) के प्रबंध निदेशक रूपवंत सिंह (आईएएस) ने औद्योगिक क्षेत्र में हुए बदलावों पर कहा, “आज हम एआई के युग में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पिछले 100 वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में कई बदलाव आए हैं। वाइब्रेंट गुजरात का अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर आयोजन सफल नेतृत्व का परिणाम है। इस पहल से गुजरात के उद्योगों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।”

जिला कलेक्टर प्रशस्ति पारीक ने कहा, “यह रीजनल कॉन्फ्रेंस अरवल्ली जिले के विकास का उदाहरण है। इस पहल से जिले के उद्योगों और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अरवल्ली जिला आज औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।”

मंत्री भीखू सिंह परमार ने अपने संबोधन में कहा, “प्रधानमंत्री के प्रयासों से वाइब्रेंट गुजरात आज देश-विदेश में ख्याति अर्जित कर रहा है। करोड़ों रुपए के एमओयू के माध्यम से गुजरात विकास की छलांग लगा रहा है। ऐसी कॉन्फ्रेंस से सुदूरवर्ती व्यक्ति तक विकास पहुंच रहा है और गुजरात आर्थिक प्रगति के नए शिखरों को पार कर रहा है।”

इस कार्यक्रम में अरवल्ली जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंकाबेन डामोर, मोडासा तहसील पंचायत अध्यक्ष स्नेहलबेन पटेल, मोडासा नगर पालिका अध्यक्ष भीखाजी दुधाजी डामोर, अरवल्ली जिला भाजपा अध्यक्ष, अरवल्ली जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी, चैम्बर ऑफ कॉमर्सकनुभाई पटेल, ग्रीनफे फार्म फूड्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक फूलचंदभाई कछवा तथा वी हियर इनोवेशन प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक विजय शाह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

यह रीजनल कॉन्फ्रेंस अरवल्ली जिले के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। वाइब्रेंट गुजरात की यह पहल गुजरात के विकास की गाथा को और मजबूत करेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो गुजरात की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्या है?
इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य गुजरात के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना और नए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
इस कॉन्फ्रेंस में कितने एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए?
इस कॉन्फ्रेंस में कुल 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस निवेश से कितने रोजगार के अवसर सृजित होंगे?
इस निवेश से अनुमानित 1300 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इस आयोजन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस आयोजन का नेतृत्व राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल कर रहे हैं।
कौन-कौन से विभागों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए?
उद्योग एवं खान-खनिज विभाग ने कुल 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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