डॉ. अशोक मित्तल ने राज्यसभा के उपनेता के रूप में ली जिम्मेदारी, बोले- ईमानदारी से करेंगे कार्य
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- उन्होंने ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया है।
- राघव चड्ढा को हटाना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
- मित्तल ने पंजाब और देश के हितों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है।
- पार्टी में जिम्मेदारियों का आवंटन समय-समय पर किया जाता है।
गुवहाटी, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत डॉ. अशोक कुमार मित्तल को राज्यसभा में एक नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसके लिए राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है। अब राघव चड्ढा की जगह मित्तल को यह पद दिया गया है। पदभार ग्रहण करने के बाद, मित्तल ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, अशोक मित्तल ने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वह पूर्ण ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उनका उद्देश्य संसद के अंदर और बाहर पार्टी की बातों को मजबूती से रखना होगा। उन्होंने कहा कि वे देश और विशेष रूप से पंजाब के हितों को प्राथमिकता देंगे। मित्तल ने भरोसा जताया कि वह पार्टी के विश्वास पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
जब मित्तल से पूछा गया कि क्या पार्टी राघव चड्ढा से असंतुष्ट है, तो उन्होंने इस तरह की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में हर नेता और सांसद को समय-समय पर अलग-अलग जिम्मेदारियाँ दी जाती हैं ताकि सभी को सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिल सके। पहले यह जिम्मेदारी राघव चड्ढा के पास थी, अब यह मित्तल को सौंपी गई है और भविष्य में यह किसी अन्य नेता को भी दी जा सकती है। इस प्रकार के बदलाव संगठन को मजबूत बनाते हैं और नेताओं के बीच अनुभव का आदान-प्रदान करते हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि अशोक मित्तल पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं, और वे एक प्रसिद्ध शिक्षाविद्, उद्यमी और राजनीतिज्ञ हैं। राघव चड्ढा को हटाए जाने को पार्टी के भीतर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, 'आप' ने राज्यसभा सचिवालय को यह भी निर्देशित किया है कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के नेता के रूप में बोलने का अवसर न दिया जाए। इससे उनके बोलने के समय में भी कमी आ सकती है।
राघव चड्ढा हाल के दिनों में संसद में कई जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं, जिनमें एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय की चर्चा और डिलीवरी बॉयज से संबंधित सवाल शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने पैटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने कहा कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि माता-पिता की साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए। पार्टी में यह भी चर्चा है कि राघव चड्ढा राज्यसभा में किन विषयों पर बोलने वाले हैं, इसकी जानकारी पहले से पार्टी को नहीं दी जाती थी।