इंजीनियर राशिद को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत, पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 18 मई 2025 को बारामूला के सांसद और अवामी इत्तिहाद पार्टी (AIP) के प्रमुख शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद को अंतरिम जमानत प्रदान की है, ताकि वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। तिहाड़ जेल में बंद राशिद को यह राहत 2 जून 2025 तक के लिए दी गई है।
पिता का निधन और परिवार की पीड़ा
इंजीनियर राशिद के पिता हाजी खजीर मोहम्मद शेख का रविवार रात निधन हो गया। 85 वर्षीय हाजी खजीर मोहम्मद शेख पिछले एक महीने से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में भर्ती थे और उनका उपचार चल रहा था।
पहले भी मिली थी मानवीय राहत
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानवीय आधार पर राशिद को राहत दी हो। इससे पहले अदालत ने उन्हें 5 मई से 10 मई के बीच AIIMS में अपने बीमार पिता से मिलने के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की कस्टडी पैरोल प्रदान की थी। पिता के निधन के बाद अब अंतिम संस्कार में भागीदारी के लिए अंतरिम जमानत दी गई है।
AIP की भावुक अपील
पिता के निधन की खबर सामने आते ही AIP के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की थी कि इंजीनियर राशिद को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि 'किसी बेटे के लिए अपने पिता को अंतिम विदाई देने से वंचित होने से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता।' उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेदों से परे, व्यक्तिगत त्रासदी के ऐसे क्षणों में मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।
इंजीनियर राशिद का कानूनी और राजनीतिक परिचय
गौरतलब है कि इंजीनियर राशिद को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम [UAPA] के तहत गिरफ्तार किया था। वे 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। इसके बावजूद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तरी कश्मीर की बारामूला सीट से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराकर संसद में प्रवेश किया था — यह इस क्षेत्र के चुनावी इतिहास में एक असाधारण घटनाक्रम था।
आगे क्या
अंतरिम जमानत की अवधि 2 जून 2025 को समाप्त होगी, जिसके बाद राशिद को पुनः न्यायिक हिरासत में लौटना होगा, जब तक कि अदालत कोई अतिरिक्त आदेश न दे। उनका मुख्य मामला NIA की अदालत में विचाराधीन है।