भाजपा के नाटक के खिलाफ 'आप' का विरोध, अशोक मित्तल पर ईडी की छापेमारी
सारांश
Key Takeaways
- ईडी की छापेमारी पर आप की कड़ी प्रतिक्रिया।
- भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए गए।
- पंजाब चुनावों में राजनीतिक स्थिति में बदलाव की संभावना।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और उनके परिवार से जुड़े स्थानों पर छापेमारी की, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता इसे भाजपा की साजिश मानते हैं। उनका आरोप है कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारियों की शुरुआत कर दी है और अशोक मित्तल को अपना लक्ष्य बनाया गया है।
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "हर बार जब किसी राज्य में चुनाव आता है, तो मोदी जी अपनी चुनावी टीम का पहला दस्ता भेजते हैं, जिसमें ईडी और सीबीआई शामिल होती हैं। यह रेड करने का एक नाटक है… उसके बाद दंगों को भड़काने वाली टीम आती है… और अंत में अमित शाह और मोदी जी के दौरे होते हैं। पीएम मोदी, ध्यान रखें कि यह पंजाब है। यहां पर बाबासाहेब और भगत सिंह से नफरत करने वालों की दाल नहीं गलने वाली।"
आप नेता संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया पर लिखा, "जहां-जहां चुनाव होते हैं, भाजपा अपनी एजेंसियों को पहले ही भेज देती है। पंजाब चुनाव से पहले आप के उपनेता अशोक मित्तल के घर पर ईडी की छापेमारी उसी की एक शुरुआत है। इस खेल से भाजपा को कोई लाभ नहीं होने वाला और वह पंजाब में बुरी तरह हार जाएगी।"
वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने लिखा, "भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के यहां ईडी की रेड चल रही है। क्या भाजपा कहीं भी अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकती? क्या भाजपा जनता के बीच इतनी नकारा हो चुकी है कि उसकी सभी चुनावी तैयारियां ईडी और सीबीआई की कार्रवाई से ही शुरू होती हैं? मोदी सरकार एक तानाशाह की तरह काम कर रही है। पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी के साथ हैं। करते रहो ईडी, सीबीआई भाजपा वालों।