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क्या असम ने खोई एक और सुनहरी आवाज? समर हजारिका के निधन पर मुख्यमंत्री सरमा का संदेश

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क्या असम ने खोई एक और सुनहरी आवाज? समर हजारिका के निधन पर मुख्यमंत्री सरमा का संदेश

सारांश

असम के मशहूर गायक समर हजारिका का निधन एक दुखद घटना है जिसने पूरे राज्य को शोक में डाल दिया है। मुख्यमंत्री सरमा ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। आइए जानते हैं इस महान गायक के बारे में और उनकी संगीत यात्रा के बारे में।

मुख्य बातें

समर हजारिका का निधन असम की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक बड़ी क्षति है।
उनकी आवाज़ ने असमिया संगीत को समृद्ध किया।
मुख्यमंत्री सरमा ने उनके योगदान की सराहना की।
उनका परिवार इस कठिन समय में सहारा खोज रहा है।
समर हजारिका की याद हमेशा उनके संगीत के माध्यम से जीवित रहेगी।

गुवाहाटी, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के प्रसिद्ध गायक समर हजारिका का निधन हो गया है। यह अत्यंत दुखद समाचार उस समय आया, जब पूरा राज्य पारंपरिक त्योहार 'उरुका' का जश्न मना रहा था, और इस खुशी का माहौल अचानक शोक में बदल गया।

समर हजारिका केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि असम की संगीत परंपरा के प्रमुख स्तंभ थे। वह महान सांस्कृतिक व्यक्तित्व और 'सुधाकंठ' के नाम से जाने जाने वाले डॉ. भूपेन हजारिका के छोटे भाई थे और उन्होंने वर्षों तक असमिया संगीत को अपनी आवाज से संवारा।

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, समर हजारिका ने गुवाहाटी के निजोरापारा स्थित अपने घर पर सुबह लगभग 8:45 बजे अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे। हाल ही में उनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां से उन्हें कुछ दिन पहले छुट्टी मिली थी।

इलाज के बाद वह घर पर विश्राम कर रहे थे, लेकिन मंगलवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके कारण उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु की सूचना फैलते ही राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरा दु:ख जताते हुए लिखा, ''समर हजारिका के जाने से असम ने अपनी एक और सुनहरी आवाज खो दी है। उनकी मधुर आवाज हर मौके को खास बना देती थी। उन्होंने असम की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने बड़े भाई भूपेन हजारिका की विरासत को समर्पण के साथ आगे बढ़ाया और उनके जन्म शताब्दी समारोह को सफल बनाने में भी सक्रिय योगदान दिया।''

मुख्यमंत्री ने दिवंगत गायक के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर साझा करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी समर हजारिका के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''उरुका जैसे पावन और उल्लासपूर्ण दिन पर इस समाचार ने सभी को गहरे दु:ख में डाल दिया। उनकी भावनाओं से भरी आवाज सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचती थी। उनका सांस्कृतिक योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।''

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समर हजारिका का योगदान क्या था?
उन्होंने असम की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने उनके बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि समर हजारिका के जाने से असम ने अपनी एक सुनहरी आवाज खो दी है।
समर हजारिका का परिवार कहां रहता था?
उनका परिवार गुवाहाटी के निजोरापारा में रहता था।
राष्ट्र प्रेस
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