असम राइफल्स ने त्रिपुरा के खोवाई में ₹1.74 करोड़ का 340 किलो गांजा जब्त किया
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स ने 7 अक्टूबर 2026 को त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक संयुक्त अभियान के दौरान 340 किलोग्राम सूखा गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹1.74 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई सीमा शुल्क अधिकारियों के समन्वय से खुफिया जानकारी और निरंतर निगरानी के आधार पर की गई।
अभियान का विवरण
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, संयुक्त दल ने मंगलवार शाम खोवाई जिले में एक वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में सूखा गांजा बरामद हुआ। हालाँकि, वाहन चालक मौके से फरार होने में सफल रहा और इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बरामद प्रतिबंधित सामग्री तथा जब्त वाहन को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
तस्करी का नेटवर्क और पूर्वोत्तर का संदर्भ
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा राज्य पुलिस, असम राइफल्स, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) और अन्य सुरक्षा बल मिलकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में, विशेष रूप से बांग्लादेश से सटे सेपाहिजाला जिले में, अवैध गांजे की खेती को नष्ट करने के संयुक्त अभियान चलाते रहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान पहले से तेज़ है।
अधिकारी के अनुसार, त्रिपुरा में उत्पादित सूखा गांजा स्थानीय स्तर पर खपाया नहीं जाता, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में तस्करी कर भेजा जाता है, जहाँ इसकी कीमत अधिक मिलती है। ये खेपें प्रायः ट्रकों, छोटे वाहनों और यहाँ तक कि यात्री ट्रेनों के ज़रिए परिवहन की जाती हैं।
स्थानीय आजीविका और वन भूमि पर अतिक्रमण
गौरतलब है कि महिलाओं सहित कई स्थानीय निवासियों ने दावा किया है कि वे आजीविका के अभाव में पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में गांजे की खेती करते हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जाँच में यह भी सामने आया है कि वन भूमि और अन्य सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से यह खेती की जा रही है।
कानूनी प्रावधान
मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा नशीले पदार्थों की खेती, कब्जा, बिक्री, खरीद या सेवन पूर्णतः अवैध है। उल्लंघन पर भारी जुर्माने के साथ 20 वर्ष तक के कारावास की सज़ा का प्रावधान है।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, यह बरामदगी पूर्वोत्तर में सक्रिय नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को बाधित करने की दिशा में सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों को रेखांकित करती है। फरार वाहन चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है।