क्या आयुर्वेद ने तमन्ना भाटिया की जिंदगी को बदला?
सारांश
Key Takeaways
- आयुर्वेद का पालन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
- ऑयल पुलिंग से मुँह की सफाई में मदद मिलती है।
- भोजन को धीरे-धीरे चबाने से पाचन में सुधार होता है।
- आज की पीढ़ी को आयुर्वेद की आवश्यकता है।
- आधुनिक जीवनशैली में आयुर्वेद का समावेश जरूरी है।
नई दिल्ली, 9 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमन्ना भाटिया केवल अपनी शानदार एक्टिंग के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी खूबसूरती और फिटनेस के लिए भी जानी जाती हैं।
एक्ट्रेस शूटिंग के दौरान घंटों मेहनत करती हैं, लेकिन फिर भी वे हमेशा ऊर्जावान महसूस करती हैं। क्या आप जानते हैं कि तमन्ना ने आयुर्वेद की प्राचीन पद्धति को अपनाया है?
आयुष मंत्रालय ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तमन्ना भाटिया का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने ऑयल पुलिंग और आयुर्वेद के माध्यम से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में चर्चा की है। वीडियो में तमन्ना कहती हैं, "आयुर्वेद पिछले एक वर्ष से मेरी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। मैंने आयुर्वेद के माध्यम से अपनी डाइट और जीवनशैली में बदलाव किया है। ये बदलाव मेरी जिंदगी को पूरी तरह बदलने में सहायक रहे हैं। मुझे लगता है कि हम लोग इस प्राचीन पद्धति को हल्के में लेते हैं, लेकिन इसे समझने और अपनाने की आवश्यकता है, विशेषकर आज की पीढ़ी के लिए।"
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि आज की पीढ़ी को आयुर्वेद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। हमें अपनी जीवनशैली में सुधार करने की आवश्यकता है क्योंकि यह टॉक्सिक हो गई है। पिछले वर्ष मैंने ऑयल पुलिंग सीखा और कोविड के दौरान यह भी समझा कि कैसे भोजन को चबाना चाहिए। ये बातें सुनने में साधारण लगती हैं, लेकिन यदि इन्हें गलत तरीके से किया जाए तो ये स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
गौरतलब है कि ऑयल पुलिंग मुँह की दुर्गंध और संक्रमण से बचने का एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय है। इसके लिए नारियल, जैतून या बादाम का तेल लेकर 3-5 मिनट तक मुँह में रखना होता है और उसे चारों ओर घुमाना होता है। यह प्रक्रिया दांतों और जीभ को साफ करने के बाद करनी चाहिए। इसे करने से मुँह में मौजूद सभी गंदगी तेल के माध्यम से बाहर निकल जाती है।
तमन्ना ने वीडियो में यह भी बताया कि भोजन को धीरे-धीरे चबाना चाहिए। आयुर्वेद में कहा गया है कि भोजन के एक कौर को लगभग 15 से 20 बार चबाना चाहिए। जितनी अच्छी तरह से खाना चबाया जाएगा, उतना ही बेहतर पाचन होगा।