पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ: बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
- दो बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- गिरफ्तारी उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर सीमा क्षेत्र में हुई।
- पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर शक होने के बाद हिरासत में लिया।
- यह गिरफ्तारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच हुई।
- भाजपा ने अवैध प्रवासियों की पहचान की मांग की है।
कोलकाता, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध तरीके से देश में प्रवेश करने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को दी।
पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्धों को उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर थाने के अंतर्गत हाकिमपुर सीमा क्षेत्र के पास पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक मंडल और नजरुल इस्लाम के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि देर रात सीमा क्षेत्र में गश्त के दौरान इन दोनों व्यक्तियों को संदिग्ध हालत में देखा गया। उनकी गतिविधियों पर संदेह होने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश के निवासी हैं और अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद स्वरूपनगर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को बशीरहाट उपमंडलीय अदालत में पेश किया गया।
उत्तर 24 परगना जिला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वे बांग्लादेश के निवासी हैं और अवैध रूप से देश में प्रवेश किया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने इसकी पुष्टि की है। मामले की जांच जारी है।”
गौरतलब है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कई बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह देखा गया कि बिना वैध दस्तावेजों के पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में रह रहे कुछ बांग्लादेशी नागरिक देश छोड़कर जाने लगे हैं।
पिछले साल अकेले हाकिमपुर सेक्टर से 45 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भी इस सीमा क्षेत्र से कई बार अवैध घुसपैठ के आरोप में लोगों को पकड़ा गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने भी यह दावा किया है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक और रोहिंग्या अवैध रूप से पश्चिम बंगाल में रह रहे हैं। पार्टी ने ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की मांग की है।