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प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: वसई-विरार में सौर ऊर्जा के लिए 1587 सोलर पैनल स्थापित

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प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: वसई-विरार में सौर ऊर्जा के लिए 1587 सोलर पैनल स्थापित

सारांश

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत वसई-विरार क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है। यहां 1587 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे बिजली की मांग को पूरा करने में मदद मिल रही है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ा है।
वसई-विरार में 1587 सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं।
उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलता है।
बिजली की बचत और स्वच्छ ऊर्जा में योगदान।
महावितरण द्वारा लगातार जागरूकता अभियान।

पालघर, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत वसई-विरार क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। बिजली की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, लोग तेजी से अपने घरों और इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

महावितरण द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, वसई क्षेत्र में अब तक 1,587 उपभोक्ताओं ने सौर पैनल लगाए हैं, जिससे लगभग 7.35 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में वसई-विरार शहर में तेजी से विकास हुआ है, जिससे नए आवासीय परियोजनाएं, इमारतें और बढ़ती जनसंख्या के कारण बिजली की मांग निरंतर बढ़ रही है।

महावितरण के आंकड़ों से पता चलता है कि इस क्षेत्र में हर साल लगभग 9 से 10 प्रतिशत तक बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्तमान में महावितरण के वसई-विरार क्षेत्र में 10.5 लाख से अधिक बिजली ग्राहक हैं। ऐसे में, बढ़ती मांग को पूरा करना बिजली विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और नागरिकों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।

इस योजना के तहत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाने के लिए सरकार द्वारा सीधे अनुदान प्रदान किया जाता है। 1 किलोवाट के सौर प्रोजेक्ट पर 30 हजार रुपए, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपए और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, शेष खर्च उपभोक्ता को स्वयं उठाना होता है। एक किलोवाट का सौर प्रोजेक्ट हर महीने लगभग 120 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकता है। यदि उपभोक्ता की आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पन्न होती है, तो उनके बिजली बिल में कमी आ सकती है और अतिरिक्त बिजली महावितरण को बेचकर उपभोक्ता आय भी प्राप्त कर सकते हैं।

महावितरण द्वारा उपभोक्ताओं को अपने घरों और इमारतों की छतों पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

महावितरण के अधीक्षक अभियंता संजय खंडारे ने बताया कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर विभाग द्वारा जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वसई क्षेत्र से उपभोक्ताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और अब तक डेढ़ हजार से अधिक उपभोक्ता सौर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन शुरू कर चुके हैं। आने वाले समय में इस संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

महावितरण ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करें, जिससे बिजली की बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देती है, वसई-विरार जैसे क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना क्या है?
यह योजना भारत सरकार द्वारा सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है, जिसमें उपभोक्ताओं को सौर पैनल लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है।
वसई-विरार क्षेत्र में कितने सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं?
वसई-विरार क्षेत्र में अब तक 1587 सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को कौन-कौन सी सब्सिडी मिलती है?
1 किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिलती है।
सौर पैनल लगाने से उपभोक्ताओं को क्या लाभ होता है?
सौर पैनल लगाने से बिजली की लागत में कमी आती है और अतिरिक्त बिजली बेचकर उपभोक्ता आय भी प्राप्त कर सकते हैं।
महावितरण का इस योजना में क्या योगदान है?
महावितरण उपभोक्ताओं को सौर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है और जनजागरूकता अभियान चला रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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