14 अक्टूबर 2026
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महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में भस्म आरती: श्रद्धालुओं ने किए बाबा के अलौकिक दर्शन

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महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में भस्म आरती: श्रद्धालुओं ने किए बाबा के अलौकिक दर्शन

सारांश

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु भावविभोर हुए। अब 17 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र पर 151 स्थानों पर एक साथ 31,000 से अधिक कन्याओं का पूजन होगा — डेढ़ लाख लोगों की उपस्थिति का अनुमान।

मुख्य बातें

महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में 14 अक्टूबर 2026 को प्रातःकालीन भस्म आरती का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरानुसार बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई; पंचामृत अभिषेक व चंदन-पुष्प श्रृंगार हुआ।
17 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र पर उज्जैन उत्तर विधानसभा के 151 स्थानों पर एक साथ कन्या पूजन का आयोजन।
इस वृहद अनुष्ठान में 31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य; करीब डेढ़ लाख लोग साक्षी बनेंगे।
आयोजन की सफलता के लिए 5,000 कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे; विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के नेतृत्व में आयोजन।

उज्जैन स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को प्रातःकालीन भस्म आरती का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के मनमोहक और अलौकिक स्वरूप के दर्शन किए। संपूर्ण मंदिर प्रांगण 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

भस्म आरती की पावन परंपरा

भस्म आरती से पूर्व बाबा महाकाल का जल और पंचामृत से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके पश्चात आकर्षक पुष्पों तथा चंदन से उनका अलौकिक श्रृंगार किया गया। परंपरा के अनुसार महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के उपरांत बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशिष्ट पहचान माना जाता है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उज्जैन की इस पावन नगरी में केवल इस दिव्य भस्म आरती के दर्शन की अभिलाषा लेकर आते हैं।

17 अक्टूबर को भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारी

17 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर उज्जैन में एक ऐतिहासिक और विशाल धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो शहर के लिए एक नया इतिहास रचने का प्रयास बताया जा रहा है।

इस आयोजन में महायज्ञ और कन्या पूजन कार्यक्रम का विशेष स्थान है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कुल 151 स्थानों पर एक साथ कन्याओं का पूजन और पाद-पूजन किया जाएगा।

31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य

इस वृहद अनुष्ठान में 31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9.30 बजे से होगी। आयोजन को और अधिक विशिष्ट बनाने के लिए प्रत्येक पूजन स्थल पर समाज के लगभग 30 प्रबुद्धजनों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो सामाजिक समरसता का संदेश देगा।

इस महायज्ञ को सफल और सुव्यवस्थित रूप देने के लिए करीब 5,000 कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस विशाल धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी शहर के लगभग डेढ़ लाख लोग बनेंगे।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

उज्जैन पहले से ही महाकाल लोक परियोजना के बाद से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर इस प्रकार के विशाल धार्मिक कार्यक्रम शहर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करते हैं। स्थानीय प्रशासन से उचित यातायात और भीड़ प्रबंधन की अपेक्षा रहेगी। 17 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन के लिए शहर में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान का स्तंभ है — महाकाल लोक परियोजना के बाद से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेज़ी आई है। 17 अक्टूबर का 151 स्थानों पर एक साथ कन्या पूजन का आयोजन धार्मिक आयोजनों के बढ़ते राजनीतिक-सामाजिक आयाम को भी दर्शाता है, जहाँ एक विधायक के नेतृत्व में 'नया इतिहास' रचने का दावा किया जा रहा है। यह प्रश्न उठाना उचित है कि इतने बड़े जनसमूह के लिए प्रशासनिक तैयारियाँ कितनी पुख्ता हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती क्या है और यह क्यों खास है?
भस्म आरती उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रातःकाल होने वाला एक अनूठा धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। मान्यता है कि इस क्षण बाबा निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं, जो इसे भारत की सबसे विशिष्ट आरतियों में से एक बनाता है।
उज्जैन में 17 अक्टूबर 2026 को क्या होने वाला है?
17 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के अवसर पर उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के 151 स्थानों पर एक साथ कन्या पूजन और महायज्ञ का आयोजन होगा। इस आयोजन में 31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य है और लगभग डेढ़ लाख लोगों के साक्षी बनने की उम्मीद है।
17 अक्टूबर के कन्या पूजन आयोजन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
यह आयोजन उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के नेतृत्व में हो रहा है। इसे सफल बनाने के लिए करीब 5,000 कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं और प्रत्येक पूजन स्थल पर समाज के लगभग 30 प्रबुद्धजनों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
महाकालेश्वर भस्म आरती में कैसे शामिल हो सकते हैं?
भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन पहुँचना होता है। यह आरती प्रातःकाल आयोजित होती है और बड़ी संख्या में देश भर के श्रद्धालु इसमें भाग लेने उज्जैन आते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
17 अक्टूबर का कन्या पूजन कार्यक्रम सुबह किस समय शुरू होगा?
17 अक्टूबर 2026 को उज्जैन में होने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन की शुरुआत सुबह 9.30 बजे से होगी। 151 स्थानों पर एक साथ कन्याओं का पूजन और पाद-पूजन किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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