महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में भस्म आरती: श्रद्धालुओं ने किए बाबा के अलौकिक दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
उज्जैन स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को प्रातःकालीन भस्म आरती का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के मनमोहक और अलौकिक स्वरूप के दर्शन किए। संपूर्ण मंदिर प्रांगण 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
भस्म आरती की पावन परंपरा
भस्म आरती से पूर्व बाबा महाकाल का जल और पंचामृत से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके पश्चात आकर्षक पुष्पों तथा चंदन से उनका अलौकिक श्रृंगार किया गया। परंपरा के अनुसार महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के उपरांत बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशिष्ट पहचान माना जाता है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उज्जैन की इस पावन नगरी में केवल इस दिव्य भस्म आरती के दर्शन की अभिलाषा लेकर आते हैं।
17 अक्टूबर को भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारी
17 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर उज्जैन में एक ऐतिहासिक और विशाल धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो शहर के लिए एक नया इतिहास रचने का प्रयास बताया जा रहा है।
इस आयोजन में महायज्ञ और कन्या पूजन कार्यक्रम का विशेष स्थान है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कुल 151 स्थानों पर एक साथ कन्याओं का पूजन और पाद-पूजन किया जाएगा।
31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य
इस वृहद अनुष्ठान में 31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9.30 बजे से होगी। आयोजन को और अधिक विशिष्ट बनाने के लिए प्रत्येक पूजन स्थल पर समाज के लगभग 30 प्रबुद्धजनों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो सामाजिक समरसता का संदेश देगा।
इस महायज्ञ को सफल और सुव्यवस्थित रूप देने के लिए करीब 5,000 कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस विशाल धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी शहर के लगभग डेढ़ लाख लोग बनेंगे।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
उज्जैन पहले से ही महाकाल लोक परियोजना के बाद से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर इस प्रकार के विशाल धार्मिक कार्यक्रम शहर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करते हैं। स्थानीय प्रशासन से उचित यातायात और भीड़ प्रबंधन की अपेक्षा रहेगी। 17 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन के लिए शहर में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।