15 अगस्त 2026
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बाबा रामदेव का स्वतंत्रता दिवस संदेश: भारत 145 करोड़ नागरिकों का, किसी पार्टी का नहीं

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बाबा रामदेव का स्वतंत्रता दिवस संदेश: भारत 145 करोड़ नागरिकों का, किसी पार्टी का नहीं

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर बाबा रामदेव का संदेश सिर्फ शुभकामनाएँ नहीं था — यह एक तीखी राजनीतिक टिप्पणी थी। पतंजलि योगपीठ से उन्होंने साफ कहा: देश 145 करोड़ नागरिकों का है, किसी पार्टी का नहीं। साथ ही पेपर लीक, भर्ती भ्रष्टाचार और राजनीतिक कलह पर बेबाक चेतावनी दी।

मुख्य बातें

बाबा रामदेव ने 15 अगस्त 2026 को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया।
उन्होंने कहा कि भारत 145 करोड़ नागरिकों का है — किसी राजनीतिक पार्टी, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का नहीं।
नेताओं से आपस में न लड़ने और लोकतांत्रिक संवाद के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की।
पेपर लीक और सरकारी भर्ती में कथित ₹1 करोड़ से अधिक की रिश्वत को संविधान-विरोधी बताया।
चेतावनी दी कि सुधार न हुए तो वे खुद विरोध प्रदर्शन के लिए उतर सकते हैं।
जेन-जेड की सराहना की, लेकिन कुछ युवाओं के दंगों में संलिप्त होने पर चिंता भी जताई।

योग गुरु बाबा रामदेव ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में तिरंगा फहराते हुए स्पष्ट किया कि भारत किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि यह देश 145 करोड़ भारतीयों का है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए देश को आर्थिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक महाशक्ति बनाने का आह्वान किया।

मुख्य संदेश: नागरिक सर्वोच्च हैं

रामदेव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह देश राजनीतिक पार्टियों या सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के लिए नहीं है। यह सिर्फ एमएलए, एमपी, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का नहीं है। यह देश 145 करोड़ भारतीयों का है।" उन्होंने जोड़ा कि संविधान ने जो अधिकार और जिम्मेदारियाँ प्रधानमंत्री को दी हैं, वही हर आम नागरिक को भी मिली हैं।

उनके अनुसार, "आजादी का यही मतलब है — ये अधिकार हमें संविधान ने दिए हैं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण और सत्ता-विपक्ष के बीच टकराव को लेकर व्यापक बहस जारी है।

नेताओं से संवाद की अपील

रामदेव ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को संयम बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, "देश के लोगों से मत लड़ो। पाकिस्तान है और लड़ने के लिए दूसरी विदेशी ताकतें हैं। नेताओं को आपस में नहीं लड़ना चाहिए — उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत करनी चाहिए।"

उन्होंने चेताया कि देश में 'फूट डालो और राज करो' की मानसिकता अभी भी सक्रिय है और इससे सावधान रहने की जरूरत है। गौरतलब है कि यह अपील तब आई है जब कई राज्यों में सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं।

शिक्षा और भर्ती भ्रष्टाचार पर चिंता

रामदेव ने युवा पीढ़ी की समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छोटे गाँवों के बच्चों के पास शिक्षक, बिजली और पानी तक नहीं है। पेपर लीक और सरकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार पर उन्होंने कहा, "कथित तौर पर ₹1 करोड़ से अधिक की रिश्वत ली जाती है — यह संविधान के खिलाफ है।"

उन्होंने आगाह किया कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जन-आक्रोश और तीव्र हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अराजकता का समर्थन नहीं करते, लेकिन यदि सुधार नहीं हुए तो उन्हें भी विरोध के लिए सड़क पर उतरना पड़ सकता है।

जेन-जेड और नई पीढ़ी पर दृष्टिकोण

योग गुरु ने युवाओं को लेकर मिली-जुली राय रखी। उन्होंने कहा, "जेन-जेड के बहुत से सदस्य सच में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, हालांकि कुछ दंगे कराने में भी शामिल हैं।" उन्होंने नई पीढ़ी और अनुभवी नागरिकों से मिलकर काम करने की अपील की।

सकारात्मक पहलू और आगे का रास्ता

रामदेव ने यह भी कहा कि देश में कृषि, उद्योग और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हो रहा है और जब कुछ अच्छा हो तो उसकी सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से एक-दूसरे का सम्मान करने और बुराइयों को छोड़कर अच्छाइयों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया यह संदेश राष्ट्रीय एकता और जवाबदेही की माँग के रूप में व्यापक चर्चा का विषय बनने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें ध्यान से देखने की जरूरत है — जब वे कहते हैं कि 'राजनीतिक रूप से हाशिए पर आए लोग प्रधानमंत्री की कुर्सी का सपना देख रहे हैं', तो यह विपक्ष पर सीधा निशाना है। रामदेव एक ओर सत्ता-विपक्ष दोनों को नसीहत देते हैं, दूसरी ओर उनकी व्यावसायिक और राजनीतिक निकटताएँ उनकी 'तटस्थता' पर सवाल खड़े करती हैं। पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर उनकी चेतावनी जायज है, परंतु यह उनके आंदोलन की धमकी के साथ जुड़कर दबाव की राजनीति का रूप ले लेती है। असली सवाल यह है कि क्या यह संदेश राष्ट्रीय एकता की पुकार है या एक प्रभावशाली व्यक्ति की अपनी राजनीतिक स्थिति को पुनर्परिभाषित करने की कोशिश।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस 2026 पर क्या कहा?
बाबा रामदेव ने 15 अगस्त 2026 को हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में तिरंगा फहराते हुए कहा कि भारत 145 करोड़ नागरिकों का है, किसी राजनीतिक पार्टी या पद का नहीं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और देश को वैश्विक महाशक्ति बनाने का आह्वान किया।
रामदेव ने पेपर लीक और भर्ती भ्रष्टाचार पर क्या कहा?
रामदेव ने कहा कि सरकारी भर्ती में कथित तौर पर ₹1 करोड़ से अधिक की रिश्वत ली जाती है, जो संविधान के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे खुद विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतर सकते हैं।
रामदेव ने नेताओं को क्या सलाह दी?
उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से अपील की कि वे आपस में न लड़ें और हर मतभेद को लोकतांत्रिक संवाद से सुलझाएँ। उन्होंने कहा कि 'फूट डालो और राज करो' की मानसिकता देश के लिए खतरनाक है।
रामदेव ने जेन-जेड यानी युवा पीढ़ी के बारे में क्या कहा?
रामदेव ने कहा कि जेन-जेड के अधिकांश सदस्य अच्छा काम कर रहे हैं, हालांकि कुछ दंगों में भी शामिल हैं। उन्होंने नई पीढ़ी और वरिष्ठ नागरिकों से मिलकर काम करने की अपील की।
पतंजलि योगपीठ में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम कहाँ हुआ?
यह कार्यक्रम उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में 15 अगस्त 2026 को आयोजित हुआ, जहाँ बाबा रामदेव ने तिरंगा फहराया और पत्रकारों से बातचीत की।
राष्ट्र प्रेस
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