क्या बंगाल की जनता बांग्लादेश या विकसित भारत में से किसी एक का चुनाव करेगी? : सुधांशु त्रिवेदी
सारांश
Key Takeaways
- बंगाल का चुनाव महत्वपूर्ण राजनीतिक विकल्प पेश करता है।
- भ्रष्टाचार के आरोप टीएमसी सरकार पर लगे हैं।
- राष्ट्रवाद की लहर उठने की संभावना है।
कोलकाता, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा शासित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिसके चलते राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को ममता सरकार पर कटाक्ष किया।
भाजपा सांसद ने संवाददाताओं से कहा, "बंगाल का चुनाव दो भविष्यबांग्लादेश बन जाएं या फिर बंगाल 21वीं सदी में विकसित भारत की ओर अग्रसर हो। ये दोनों विकल्प आज साथ-साथ हैं। यह वही भूमि है जहां से वंदे मातरम और जन गण मन का उदय हुआ। हमें पूरा विश्वास है कि बंगाल की धरती पर राष्ट्रवाद की लहर उठेगी। हम दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ जीतेंगे।"
सुधांशु त्रिवेदी ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "समस्या यह है कि पश्चिम बंगाल सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। जिस प्रकार पार्थ चटर्जी और उनके सहयोगियों को नगद दिया गया और जिस तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की रेड से डरने का नाटक किया, ऐसा हमने भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने अपनी पुलिस पर भरोसा नहीं किया।"
उन्होंने आगे कहा, "जब आप कट्टरपंथी ताकतों के साथ हाथ मिलाते हैं, तो क्या होता है? इसका परिणाम क्या होता है? आप देखिए बांग्लादेश में क्या हुआ। खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 2001 में जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन किया और उन्हें वैधता दी। आज बांग्लादेश में क्या हो रहा है? उन्होंने वही गलती यहां भी की है।"
उन्होंने सवाल उठाया, "क्या आप दुनिया में एक भी ऐसे सेक्युलर देश का नाम बता सकते हैं, जहां शरिया को संवैधानिक मान्यता मिली हो? ऐसा केवल इस्लामिक देशों में होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हम एक सच्चे सेक्युलर देश की ओर बढ़ रहे हैं।"