क्या बांग्लादेश में एक और हिंदू को कट्टरपंथियों ने जिंदा जलाया?

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क्या बांग्लादेश में एक और हिंदू को कट्टरपंथियों ने जिंदा जलाया?

सारांश

बांग्लादेश में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक को कट्टरपंथियों ने जिंदा जला दिया। इस घटना ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं?

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • चंचल चंद्र भौमिक को जिंदा जलाने की घटना एक सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है।
  • अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।
  • पुलिस जांच जारी है, लेकिन दोषियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
  • भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

ढाका, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के प्रति असहिष्णुता की एक और खौफनाक घटना सामने आई है, जो मानवता को शर्मसार करने वाली है। बांग्लादेश के कट्टरपंथी तत्वों ने एक बार फिर से बर्बरता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। ढाका से लगभग 50 किलोमीटर दूर नरसिंगडी में एक गैरेज में सोते समय चंचल चंद्र भौमिक, 23 वर्षीय हिंदू युवक को जिंदा जला दिया गया।

चुनावों से पहले राजनीतिक हत्या और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस हालिया घटना ने देश के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पीड़ित का नाम भौमिक था, जो खोकन चंद्र भौमिक का बेटा था और कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का निवासी था। भौमिक नरसिंगडी पुलिस लाइन के पास खानाबारी मस्जिद मार्केट क्षेत्र में एक गैरेज में काम करता था।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह शुक्रवार रात अपना काम खत्म करने के बाद गैरेज में सो गया था, तभी अनजान हमलावरों ने गैरेज में आग लगा दी। गैरेज में बड़ी मात्रा में पेट्रोल, इंजन ऑयल और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं होने के कारण आग तेजी से फैल गई और भौमिक उसमें फंस गया। वह जलने और दम घुटने से मारा गया। चश्मदीदों ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है।

अधिकारियों ने नजदीकी कैमरों से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है, जिसमें हमलावरों को कार्रवाई करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन अभी तक उनके पहचान का पता नहीं चल पाया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच कर रही है। हमने शव बरामद कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर ली है। पुलिस की कई टीमें दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं।"

2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी लगभग 13.13 मिलियन है, जो देश की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत है। बांग्लादेश में कट्टरपंथी यूनुस की अंतरिम सरकार आने के बाद से, देश में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी भय के साये में जी रही है। इन हालातों को देखते हुए, भारत ने भी अपने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

भौमिक पर हमला हिंदुओं को निशाना बनाने वाली कई अन्य घटनाओं के तुरंत बाद हुआ है। पिछले हफ्ते, गाजीपुर जिले में एक हिंदू मिठाई की दुकान के मालिक को एक कर्मचारी की रक्षा करते समय पीट-पीटकर मार दिया गया था। इसी दौरान, सिलहट जिले में एक हिंदू घर में आग लगा दी गई और फेनी जिले में एक हिंदू ऑटो रिक्शा चालक की चाकू से हत्या कर दी गई।

ये घटनाएं बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के बढ़ते डर को दर्शाती हैं, खासकर आने वाले चुनावों से पहले, क्योंकि सरकार को चरमपंथी हिंसा से कमजोर आबादी की रक्षा करने की अपनी क्षमता पर संदेह का सामना करना पड़ रहा है।

Point of View

यह घटना हमारे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह जरूरी है कि सरकार और समाज मिलकर ऐसे कृत्यों की निंदा करें और न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और कट्टरपंथी विचारधाराओं के कारण हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
क्या सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है?
हालांकि सरकार ने सुरक्षा के उपाय किए हैं, लेकिन हाल की घटनाएं इस पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
चंचल चंद्र भौमिक की हत्या के बाद क्या कार्रवाई की गई है?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है और हमलावरों की पहचान के लिए जांच चल रही है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसंख्या कितनी है?
2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसंख्या लगभग 13.13 मिलियन है।
क्या भारत ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है?
जी हां, भारत ने अपने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
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