बांकीपुर उपचुनाव: मंत्री लखेंद्र पासवान बोले — 'कमल के अलावा कुछ नहीं', प्रशांत किशोर की जमानत जब्त होने का दावा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता पूरी तरह BJP के साथ है और वहाँ 'कमल के निशान के अलावा कुछ नहीं है।' साथ ही उन्होंने चुनाव मैदान में उतरे प्रशांत किशोर पर भी तीखा निशाना साधा।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री पासवान ने कहा, 'बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की पारंपरिक सीट रही है। पिछले 30 वर्षों से NDA और BJP लगातार वहाँ से जीतती आ रही है। मैं अभी कई कार्यक्रमों में शामिल होकर बांकीपुर से लौटा हूँ — वहाँ के लोग बताते हैं कि भाजपा के कमल के निशान के अलावा और कुछ नहीं है।'
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में BJP ने बांकीपुर से 51 हजार वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। BJP के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उसी सीट से निर्वाचित हुए थे।
प्रशांत किशोर पर हमला
पासवान ने प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी को सीधे चुनौती देते हुए कहा, 'पार्टी ने एक बूथ स्तर के कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया है — और उनकी तुलना प्रशांत किशोर से की जा रही है। समझिए कि हमारे बूथ अध्यक्ष के खिलाफ प्रशांत किशोर चुनाव लड़ रहे हैं।' उन्होंने आगे दावा किया, 'पिछले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर प्रशांत किशोर के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी। इस बार उपचुनाव में भी उनकी जमानत जब्त होगी।'
सोनम वांगचुक के धरने पर सरकार का पक्ष
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के धरना प्रदर्शन और उन्हें अस्पताल स्थानांतरित किए जाने के मुद्दे पर मंत्री पासवान ने कहा, 'विरोध-प्रदर्शन या धरना देना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक धरने पर बैठा रहता है, तो भारत सरकार को उस व्यक्ति की सेहत की चिंता होती है। सुरक्षा की दृष्टि से ही सरकार और पुलिस प्रशासन ने यह कदम उठाया।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि NDA सरकार जनकल्याण, सुरक्षा और लोगों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
क्या होगा आगे
बांकीपुर उपचुनाव में BJP के बूथ-स्तरीय कार्यकर्ता बनाम प्रशांत किशोर की यह सीधी लड़ाई बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प परीक्षण बन गई है। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर बिहार में अपनी 'जन सुराज' पहल के तहत चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं। यह उपचुनाव न केवल BJP की पकड़ की परीक्षा होगी, बल्कि प्रशांत किशोर की जमीनी ताकत का भी असली इम्तिहान होगा।