जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई: अखिलेश यादव बोले — 'भाजपा छात्रों के सपनों पर बुलडोजर चला रही है'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 19 जुलाई 2026 को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित सरकारी कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है और हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा आघात है। सपा प्रमुख ने छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया कि पार्टी इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
अखिलेश यादव का बयान
रविवार को जारी अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार बदले की राजनीति के तहत जौहर विश्वविद्यालय को अपनी संकीर्ण सोच का शिकार बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता, समर्थक और नेता इस मुद्दे पर छात्रों के साथ है। उनके अनुसार, 'हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और उसे बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।'
छात्रों और गरीब परिवारों पर असर
सपा प्रमुख ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय में हर वर्ग और समाज के छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे यहाँ पढ़ते हैं, जिनके लिए महंगे निजी संस्थानों या विदेश में पढ़ाई संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मेहनतकश परिवारों के बच्चों के सपनों पर बुलडोजर चलाने का प्रयास कर रही है।
दस्तावेज़ी कमियों पर सपा का रुख
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यदि विश्वविद्यालय से संबंधित किसी दस्तावेज या औपचारिकता में कोई कमी है, तो उसे नियमानुसार पूरा कराया जाना चाहिए — न कि संस्थान को बंद करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्य अपंजीकृत शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि जौहर विश्वविद्यालय के मामले में एकतरफा रवैया अपनाया जा रहा है।
भाजपा पर शिक्षा-विरोधी होने का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा की विचारधारा मूलतः शिक्षा और जागरूकता के विरुद्ध है। उनका तर्क था कि शिक्षित और जागरूक समाज सवाल पूछता है, इसलिए सरकार शिक्षा संस्थानों को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि पहले प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के प्रयास हुए और अब विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और भर्ती के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठा रही है।
आगे की राह
अखिलेश यादव ने देशभर के लोगों से अपील की कि वे शिक्षा संस्थानों को बचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने माँग की कि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षा और अल्पसंख्यक संस्थानों के भविष्य को लेकर एक बड़े टकराव का रूप लेता दिख रहा है।