19 अगस्त 2026
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आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर ईडी छापे के बाद अखिलेश का हमला — 'विपक्ष को निशाना बना रही BJP'

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आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर ईडी छापे के बाद अखिलेश का हमला — 'विपक्ष को निशाना बना रही BJP'

सारांश

आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर ईडी की छापेमारी के बाद अखिलेश यादव ने BJP पर सीधा हमला बोला — आरोप है कि सरकार विपक्ष को दबाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जबकि अपने ही नेताओं के कथित भ्रष्टाचार पर आँखें मूँदे बैठी है।

मुख्य बातें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 19 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर BJP सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
ईडी ने आजम खां से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर छापेमारी की।
अखिलेश ने राम मंदिर चढ़ावा , कोडीन कफ सिरप तस्करी , महाकुंभ हेराफेरी और स्मार्ट सिटी भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे गिनाए।
बुनियादी ढाँचे में कथित खामियों — बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे , पूर्वांचल एक्सप्रेसवे , गिरते पुल — का भी जिक्र किया।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि अधिकारी कथित तौर पर ₹7,000 करोड़ में हिस्सा बाँट रहे हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 19 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार किया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आजम खां से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर छापेमारी की। अखिलेश ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई विपक्षी नेताओं को दबाने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जबकि सत्ता पक्ष से जुड़े गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों में ईडी मूकदर्शक बनी हुई है।

अखिलेश का सीधा आरोप

सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी विरोधी — तथा स्कूल बंद करवाने वाले — भाजपाई नेता अब यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ ईडी की छापेमारी करवा रहे हैं। उनके अनुसार यह कदम BJP के 'सांप्रदायिक संकीर्ण सोच' वाले समर्थकों को संतुष्ट करने की कोशिश मात्र है।

अखिलेश ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसे भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही जो कथित आपराधिक कांडों में संलिप्त हैं — यह आरोप उन्होंने सरकार पर सीधे लगाया।

किन मुद्दों पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कई मुद्दे गिनाए। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले, सत्ता के कथित संरक्षण में सजातीय अपराधियों, कोडीन कफ सिरप तस्करी और भ्रष्टाचार के विभिन्न प्रकरणों का उल्लेख किया।

बुनियादी ढाँचे पर भी अखिलेश ने सरकार को घेरा। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की बदहाल स्थिति, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हिचकोलों, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के गड्ढों, ग्रीन कॉरीडोर में दरारों, गिरते पुलों और ढहती पानी की टंकियों का जिक्र किया।

भ्रष्टाचार के और आरोप

अखिलेश यादव ने दूसरे राज्यों में पकड़े जाने वाले उत्तर प्रदेश के कथित भ्रष्ट पुलिसकर्मियों का भी हवाला दिया। इसके अलावा उन्होंने महाकुंभ में कथित तौर पर हुई हेराफेरी, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने के कथित भ्रष्टाचार और अस्वीकृत भूमि पर अवैध निर्माण करने वाले BJP के जनप्रतिनिधियों पर भी आरोप लगाए।

सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी दुर्व्यवहार और दुर्वचनों पर 'प्रचार की पुताई' करके कथित तौर पर ₹7,000 करोड़ में हिस्सा बाँट रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सपा और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। आजम खां पहले से ही कई कानूनी मामलों में घिरे हैं और जौहर यूनिवर्सिटी विवादों के केंद्र में रही है। गौरतलब है कि विपक्ष लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि केंद्रीय जाँच एजेंसियों का उपयोग चुनिंदा तरीके से राजनीतिक विरोधियों के विरुद्ध किया जाता है।

सपा की यह प्रतिक्रिया 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले दिनों में ईडी की जाँच की दिशा और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस विवाद को और आकार देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर जब तक विपक्ष ठोस कानूनी चुनौती की जगह सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रहेगा, यह बहस जनता की अदालत में नहीं, एल्गोरिदम में लड़ी जाएगी।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा क्यों मारा?
प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खां से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर वित्तीय अनियमितताओं की जाँच के सिलसिले में कार्रवाई की। ईडी की ओर से अभी तक आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
अखिलेश यादव ने BJP पर क्या-क्या आरोप लगाए?
अखिलेश ने आरोप लगाया कि BJP सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रही है, जबकि राम मंदिर चढ़ावा, कोडीन कफ सिरप तस्करी, महाकुंभ हेराफेरी, स्मार्ट सिटी भ्रष्टाचार और बुनियादी ढाँचे की खामियों जैसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
अखिलेश यादव ने यह बयान कहाँ दिया?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 19 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए यह बयान दिया। उन्होंने एक विस्तृत पोस्ट में भ्रष्टाचार के कई कथित मामलों की सूची भी साझा की।
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद क्या है?
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर में आजम खां द्वारा स्थापित संस्था है, जो भूमि अधिग्रहण और वित्तीय मामलों को लेकर पहले से विवादों में रही है। आजम खां स्वयं कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं।
क्या यह मामला 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों से जुड़ा है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सपा की यह आक्रामक प्रतिक्रिया 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी गोलबंदी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अखिलेश BJP को शिक्षा-विरोधी और एजेंसी-दुरुपयोगी बताकर अपना आधार मजबूत करने की कोशिश में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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