होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला: एमटी काजिमाह III से 5 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले टैंकर एमटी काजिमाह III पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने के बाद जहाज पर सवार पाँच भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इस बचाव अभियान में समन्वय की भूमिका निभाई और सभी पाँचों नागरिकों को सुरक्षित किनारे पर पहुँचाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
ओमान में भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, 'आज पहले, मिशन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल की चपेट में आए कुवैत के झंडे वाले टैंकर एमटी काजिमाह III पर सवार पाँच भारतीय नागरिकों के बचाव में समन्वय किया। सभी 5 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से किनारे पर पहुँचा दिया गया है। हम उनके निरंतर सहयोग और सहायता के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।' विदेश मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि वह 'विदेश में अपने नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध' है।
पृष्ठभूमि: पिछले महीने भी हुआ था हमला
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की श्रृंखला जारी है। गौरतलब है कि पिछले महीने ओमान के पूर्वी तट पर वाणिज्यिक जहाज एमवी कैप डियो पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी और 19 अन्य को बचाया गया था।
उस हमले की कड़ी निंदा करते हुए विदेश मंत्रालय ने 23 सितंबर को कहा था, 'हम ओमान के पूर्वी तट पर वाणिज्यिक जहाज एमवी कैप डियो पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर सवार 20 भारतीय नाविकों में से 19 को बचा लिया गया है। हम पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।' मंत्रालय ने तब भी ओमानी अधिकारियों के सहयोग की सराहना की थी।
भारत की कूटनीतिक स्थिति
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले 'बेहद चिंताजनक' हैं। मंत्रालय के बयान में कहा गया था, 'हम तनाव कम करने और क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति के अपने आह्वान को दोहराते हैं।' भारत ने यह भी माँग की है कि 'क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए' और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में 'मुक्त और अबाध नेविगेशन' सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
आम जनता और नाविकों पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा आयात करता है। इस मार्ग पर बार-बार हो रहे हमलों से न केवल भारतीय नाविकों की जान को खतरा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला और ऊर्जा सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। भारत में बड़ी संख्या में नाविक खाड़ी क्षेत्र के जहाजों पर कार्यरत हैं, जिससे यह मुद्दा सीधे तौर पर हज़ारों भारतीय परिवारों को प्रभावित करता है।
क्या होगा आगे
भारतीय दूतावास ने संकेत दिया है कि वह बचाए गए नाविकों की स्वदेश वापसी के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय की ओर से क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, और कूटनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए जाने की संभावना है।