11 अक्टूबर 2026
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रस अल खैमाह तट पर संकटग्रस्त टैंकर से 22 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए, IRGC ने खदान हमले का दावा किया

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रस अल खैमाह तट पर संकटग्रस्त टैंकर से 22 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए, IRGC ने खदान हमले का दावा किया

सारांश

रस अल खैमाह तट पर कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 पर हुई घटना में 22 भारतीय नाविकों को सकुशल बचाया गया। IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में खदान हमले का दावा किया — एक हफ्ते में दूसरी बड़ी समुद्री घटना।

मुख्य बातें

भारतीय वाणिज्य दूतावास, दुबई ने 11 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि रस अल खैमाह तट के पास 22 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया गया।
संकटग्रस्त जहाज का नाम एमटी जेम नंबर 2 है, जो कच्चे तेल का टैंकर था।
UKMTO ने बताया कि टैंकर के मास्टर ने जहाज की बाईं ओर अज्ञात मिसाइल से टक्कर और आग लगने की सूचना दी।
IRGC नौसेना ने कथित तौर पर दावा किया कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से 'अवैध' मार्ग से गुजर रहा था और उसमें नौसैनिक खदानों से टकराने के बाद विस्फोट हुआ।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को IRGC ने LPG वाहक एनवी सनशाइन पर भी हमले का दावा किया था।
वाणिज्य दूतावास भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटा है।

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने 11 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि संयुक्त अरब अमीरात के रस अल खैमाह तट के निकट कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 पर हुई एक गंभीर घटना के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सकुशल बचा लिया गया है। सभी नाविक सुरक्षित हैं और वाणिज्य दूतावास UAE अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय में है।

घटना का विवरण

वाणिज्य दूतावास ने बताया कि एमटी जेम नंबर 2 पर सवार 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दूतावास ने UAE अधिकारियों से तत्काल संपर्क साधा।

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार को इस टैंकर से जुड़ी दो अलग-अलग रिपोर्टें जारी कीं। पहली रिपोर्ट ओमान की खाड़ी में एक टैंकर और सैन्य बलों से जुड़ी घटना की थी, जबकि दूसरी रिपोर्ट होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर हुई घटना से संबंधित थी।

अज्ञात मिसाइल और आग की रिपोर्ट

UKMTO के अनुसार, बाहर जा रहे टैंकर के मास्टर ने सूचित किया कि एक अज्ञात मिसाइल ने जहाज के बाईं ओर टक्कर मारी, जिसके कारण जहाज में आग भड़क उठी। रिपोर्ट के समय क्षति का आकलन और पर्यावरणीय प्रभाव का पूरी तरह से मूल्यांकन नहीं हो सका था।

IRGC नौसेना का दावा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने कथित तौर पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से 'अवैध' मार्ग से निकलने का प्रयास कर रहे एक 'नियमों का उल्लंघन करने वाले' सुपरटैंकर में नौसैनिक खदानों से टकराने के बाद भीषण विस्फोट हुआ। IRGC के आधिकारिक समाचार माध्यम सेपाह न्यूज पर प्रकाशित बयान के अनुसार, नौसेना ने शनिवार को दावा किया कि इस कच्चे तेल से लदे जहाज के नेविगेशन और GPS सिस्टम बंद कर दिए गए थे।

IRGC नौसेना ने इस मार्ग को उच्च जोखिम वाला घोषित करते हुए चेतावनी दी कि ईरान के नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी तेल टैंकर का यही परिणाम होगा।

पूर्व की घटना: एनवी सनशाइन पर भी हमले का दावा

गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को IRGC नौसेना ने दावा किया कि उसके बलों ने एनवी सनशाइन नामक एक बड़े द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) वाहक को निशाना बनाया, जब वह जलडमरूमध्य के दक्षिण में कथित 'अवैध' मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहा था। नौसेना के अनुसार उस जहाज के इंजन कक्ष और प्रणोदन प्रणाली में आग लग गई।

भारतीयों की सुरक्षा और आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास का क्षेत्र समुद्री सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। भारतीय वाणिज्य दूतावास, दुबई ने स्पष्ट किया है कि वह सभी 22 भारतीय नाविकों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए UAE अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। आगामी घंटों में क्षति के आकलन और पर्यावरणीय प्रभाव की विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सत्य सिद्ध हुआ, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत के लिए यह घटना इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय प्रवासी और समुद्री कर्मी कार्यरत हैं, और इस मार्ग से भारत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात होता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अनदेखा कर रही है वह यह है कि एनवी सनशाइन के बाद एमटी जेम नंबर 2 — लगातार दो जहाजों पर दो दिन में हमले का दावा — एक खतरनाक पैटर्न की ओर संकेत करता है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रस अल खैमाह तट पर किस जहाज से 22 भारतीयों को बचाया गया?
कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 से 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचाया गया। यह घटना UAE के रस अल खैमाह तट के निकट हुई और भारतीय वाणिज्य दूतावास, दुबई ने 11 अक्टूबर 2026 को सभी के सुरक्षित होने की पुष्टि की।
एमटी जेम नंबर 2 टैंकर पर क्या हुआ था?
UKMTO की रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर के मास्टर ने बताया कि जहाज की बाईं ओर एक अज्ञात मिसाइल से टक्कर हुई, जिससे आग लग गई। IRGC नौसेना ने कथित तौर पर दावा किया कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से 'अवैध' मार्ग से निकलने का प्रयास कर रहा था और नौसैनिक खदानों से टकराने के कारण विस्फोट हुआ।
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने क्या कदम उठाए?
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास घटना की जानकारी मिलते ही UAE के अधिकारियों से संपर्क में आ गया। दूतावास ने बताया कि सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें हर संभव सहायता एवं समर्थन प्रदान किया जा रहा है।
IRGC ने इस घटना के बारे में क्या कहा?
ईरान के IRGC की नौसेना ने अपने आधिकारिक मीडिया सेपाह न्यूज के माध्यम से कहा कि जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य से 'अवैध' मार्ग अपनाया था। नौसेना ने दावा किया कि जहाज के नेविगेशन और GPS सिस्टम बंद थे, और चेतावनी दी कि ईरानी नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी टैंकर का यही हश्र होगा।
क्या खाड़ी क्षेत्र में इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, इस घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को IRGC नौसेना ने LPG वाहक एनवी सनशाइन को निशाना बनाने का दावा किया था, जिसमें जहाज के इंजन कक्ष और प्रणोदन प्रणाली में आग लगने की बात कही गई। होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में इस तरह की समुद्री घटनाएँ पहले भी होती रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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