3 अक्टूबर 2026
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सीबीआई ने हंजर बायोटेक पर ₹93.44 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, मुंबई में कई जगहों पर छापे

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सीबीआई ने हंजर बायोटेक पर ₹93.44 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, मुंबई में कई जगहों पर छापे

सारांश

सीबीआई ने मुंबई की हंजर बायोटेक एनर्जीज पर ₹93.44 करोड़ के बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने ₹135 करोड़ का टर्म लोन लेकर उसे गैर-अनुमोदित कार्यों में लगा दिया, जिससे PNB को भारी नुकसान हुआ। जाँच में अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी दायरे में हैं।

मुख्य बातें

सीबीआई ने हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड , मुंबई के खिलाफ ₹93.44 करोड़ के बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया।
मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एसएएम शाखा की शिकायत पर 30 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया।
आरोप है कि कंपनी ने संबंधित पार्टी के इनवॉइस पर ₹135 करोड़ का टर्म लोन लिया और राशि को गैर-अनुमोदित कार्यों में लगाया।
छापेमारी में महत्त्वपूर्ण बैंक दस्तावेज़ और संपत्ति के कागज़ात बरामद एवं जब्त किए गए।
जाँच के दायरे में कंपनी के निदेशक, गारंटर, अज्ञात सरकारी कर्मचारी और निजी व्यक्ति शामिल हैं।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई की कंपनी हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ ₹93.44 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर 3 अक्टूबर 2026 को कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एसएएम शाखा, मुंबई की शिकायत पर 30 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया था।

मामला कब और कैसे दर्ज हुआ

सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक की एसएएम शाखा ने 30 सितंबर 2026 को एजेंसी से संपर्क किया और हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर कंपनी के निदेशकों, गारंटरों, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई बड़े बैंक फ्रॉड मामलों में सक्रियता बढ़ा रही है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को होने वाले नुकसान पर नज़र रख रही है।

आरोपों का विवरण

जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचते हुए संबंधित पार्टी के इनवॉइस के आधार पर ₹135 करोड़ का टर्म लोन हासिल किया। इस ऋण राशि का उपयोग कथित तौर पर उन कार्यों के लिए किया गया या अन्यत्र भेजा गया जिनके लिए बैंक की स्वीकृति नहीं थी। इससे शिकायतकर्ता बैंक को कथित तौर पर ₹93.44 करोड़ का गलत नुकसान हुआ।

छापेमारी में क्या मिला

सीबीआई ने मुंबई में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान जाँच से संबंधित महत्त्वपूर्ण बैंक दस्तावेज़ और संपत्ति के कागज़ात बरामद कर जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, ये दस्तावेज़ आगे की जाँच में अहम भूमिका निभाएँगे।

आगे की जाँच की दिशा

सीबीआई के अनुसार जाँच अभी जारी है और एजेंसी तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है — पहला, कंपनी की षड्यंत्र की पूरी सीमा का पता लगाना; दूसरा, इसमें शामिल सभी सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की पहचान करना; और तीसरा, ऋण की राशि का अंतिम उपयोग कहाँ हुआ, यह उजागर करना। गौरतलब है कि मामले में अज्ञात सरकारी कर्मचारियों का भी नाम लिया गया है, जो इस जाँच को और संवेदनशील बनाता है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ अथवा समन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे बड़ा सवाल यह है कि ₹135 करोड़ का टर्म लोन बैंक की नज़र से बचकर गैर-अनुमोदित खातों में कैसे पहुँचा। अज्ञात सरकारी कर्मचारियों का FIR में उल्लेख संकेत देता है कि यह फ्रॉड बाहरी नहीं, अंदरूनी मिलीभगत से संचालित हो सकता है। PNB पहले भी नीरव मोदी जैसे बड़े बैंक घोटालों की चपेट में रह चुका है, और इस पैटर्न की पुनरावृत्ति बैंक की आंतरिक निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जब तक लोन के अंतिम उपयोग और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका का खुलासा नहीं होता, यह मामला अपनी पूरी गहराई में नहीं समझा जा सकता।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हंजर बायोटेक एनर्जीज पर सीबीआई का मामला क्या है?
सीबीआई ने मुंबई की हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ ₹93.44 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह शिकायत पंजाब नेशनल बैंक की एसएएम शाखा, मुंबई ने 30 सितंबर 2026 को दर्ज कराई थी।
आरोपियों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
आरोप है कि आरोपियों ने संबंधित पार्टी के इनवॉइस के आधार पर ₹135 करोड़ का टर्म लोन हासिल किया और उस राशि को गैर-अनुमोदित कार्यों में लगाया या अन्यत्र भेज दिया। इससे PNB को कथित तौर पर ₹93.44 करोड़ का नुकसान हुआ। मामला आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज है।
सीबीआई की छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
मुंबई में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर की गई तलाशी में जाँच से संबंधित महत्त्वपूर्ण बैंक दस्तावेज़ और संपत्ति के कागज़ात बरामद कर जब्त किए गए। ये दस्तावेज़ आगे की जाँच की दिशा तय करने में सहायक होंगे।
इस मामले में जाँच आगे कहाँ जाएगी?
सीबीआई अभी तीन प्रमुख पहलुओं — षड्यंत्र की पूरी सीमा, इसमें शामिल सरकारी कर्मचारियों की भूमिका, और ऋण राशि के अंतिम उपयोग — की पड़ताल कर रही है। मामले में अज्ञात सरकारी कर्मचारियों का नाम होने से जाँच का दायरा और व्यापक हो सकता है।
पंजाब नेशनल बैंक इससे पहले भी किसी बड़े फ्रॉड में शामिल रहा है?
हाँ, PNB देश के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक — नीरव मोदी-मेहुल चोकसी घोटाले — में शामिल रह चुका है, जिसमें हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हंजर बायोटेक का यह नया मामला बैंक की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर फिर से सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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