NIA ने कर्नाटक के बीदर से 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, पाकिस्तान स्थित आतंकी ऑपरेटिव्स से संपर्क का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 1 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के बीदर जिले के भालकी तालुक स्थित यानाकुरा गाँव के 24 वर्षीय युवक विशाल कुमार मेत्रे को गिरफ्तार किया है। उस पर पाकिस्तान में सक्रिय कथित आतंकवादी शहजाद भट्टी और दो अन्य संदिग्धों — राणा हुनैन तथा नोमी खान — के साथ संपर्क में रहने का आरोप है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियाँ कर्नाटक में पाकिस्तान-स्थित आतंकी नेटवर्क से संदिग्ध संबंधों की गहन जाँच कर रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच एजेंसियों के अनुसार, NIA ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से विशाल कुमार मेत्रे को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपी मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के ज़रिए पाकिस्तानी संदिग्धों के साथ कथित तौर पर नियमित संपर्क में था। केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ दिसंबर 2025 से उसकी गतिविधियों पर नज़र रख रही थीं।
आरोपी विशाल स्नातक है और रिपोर्टों के अनुसार कुछ समय से पाकिस्तान में मौजूद ऑपरेटिव्स के संपर्क में था। उसके लापता होने के बाद स्थानीय पुलिस भी जाँच में शामिल हुई और उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
कानूनी कार्यवाही और आरोप
आरोपी पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। चिंचोली पुलिस ने कथित आतंकी संबंधों के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और केंद्रीय एजेंसी की जाँच में सहयोग कर रही है।
बीदर के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंती ने बताया कि अदालत की कार्यवाही अभी जारी है और उसके पूरा होने के बाद गिरफ्तारी तथा मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
कर्नाटक में बढ़ती आतंकी जाँच की पृष्ठभूमि
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकी तत्वों से कथित संबंधों के मामलों में कर्नाटक में पिछले 15 दिनों में यह तीसरी गिरफ्तारी है। गौरतलब है कि अगस्त 2026 में उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और कलबुर्गी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के दो निवासियों — मोहम्मद समीर (23) और सलमान — को कलबुर्गी से गिरफ्तार किया था। उन पर पाकिस्तान-स्थित संगठनों और इस्लामिक स्टेट (ISIS) से कथित संबंध रखने का आरोप है।
उस मामले में जाँचकर्ताओं ने संदिग्धों के उपकरणों से संवेदनशील डिजिटल फुटप्रिंट, नक्शे और भड़काऊ वीडियो बरामद किए थे। आरोप है कि वे दोनों व्हाट्सऐप और फेसबुक के ज़रिए पाकिस्तान और ISIS से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में थे।
जाँच एजेंसियों का फोकस
जाँच एजेंसियाँ अब आरोपी विशाल की बातचीत की विस्तृत जाँच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या संदिग्ध ऑपरेटिव्स से संपर्क बनाए रखने के अलावा उसकी कोई और भूमिका भी थी। अदालती कार्यवाही और पूछताछ के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
यह मामला कर्नाटक में सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता और डिजिटल माध्यमों से आतंकी नेटवर्क के विस्तार की आशंका को रेखांकित करता है।