कर्नाटक में पाकिस्तानी महिला और बेटा गिरफ्तार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद वीजा समाप्त होने पर एफआईआर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में बागेपल्ली पुलिस ने 11 जुलाई 2026 को एक पाकिस्तानी महिला और उसके बेटे को अवैध रूप से भारत में रहने तथा फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान फरहा नाज और उनके बेटे मोहम्मद फरदीन खान के रूप में हुई है, जो बागेपल्ली तालुक के दासगारेपल्ली गाँव में रह रहे थे।
मामले का पृष्ठभूमि
जाँच के अनुसार, फरहा नाज ने दासगारेपल्ली गाँव के निवासी अयूब खान से विवाह किया था। दंपति के दो बच्चे हैं। अयूब खान वर्तमान में कतर में बस चालक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि फरहा नाज और उनके बच्चे गाँव में रह रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि फरहा नाज और मोहम्मद फरदीन खान दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं।
वीजा उल्लंघन और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद फरहा नाज और उनके बच्चों के वीजा का नवीनीकरण नहीं हुआ, फिर भी वे भारत में रहते रहे। वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से देश में ठहरने की शिकायत मिलने पर बागेपल्ली पुलिस ने माँ और बेटे को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज की। चिकबल्लापुर, बेंगलुरु से लगभग 75 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
फर्जी दस्तावेजों का आरोप
जाँचकर्ताओं का आरोप है कि भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद दोनों ने कथित तौर पर आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते सहित कई सरकारी दस्तावेज हासिल कर लिए थे। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि दोनों ने मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड के लिए पंजीकरण भी कराया था। अधिकारी इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जाँच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये दस्तावेज किस तरह प्राप्त किए गए।
कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नागरिकता के बिना इस प्रकार के सरकारी दस्तावेज प्राप्त करना अवैध और दंडनीय अपराध है। फिलहाल दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव के बीच देश में पाकिस्तानी नागरिकों की उपस्थिति और वीजा अनुपालन को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ विशेष सतर्कता बरत रही हैं।