11 जुलाई 2026
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कर्नाटक में पाकिस्तानी महिला और बेटा गिरफ्तार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद वीजा समाप्त होने पर एफआईआर

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कर्नाटक में पाकिस्तानी महिला और बेटा गिरफ्तार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद वीजा समाप्त होने पर एफआईआर

सारांश

कर्नाटक के चिकबल्लापुर में बागेपल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक फरहा नाज और उसके बेटे को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद वीजा समाप्त होने पर भी अवैध रूप से रहने और आधार, वोटर आईडी समेत कई भारतीय दस्तावेज हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया। एफआईआर दर्ज, जाँच जारी।

मुख्य बातें

फरहा नाज और उनके बेटे मोहम्मद फरदीन खान को 11 जुलाई 2026 को बागेपल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं और दासगारेपल्ली गाँव, चिकबल्लापुर में रह रहे थे।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद वीजा नवीनीकरण न होने के बावजूद भारत में रहने का आरोप है।
कथित तौर पर आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते जैसे भारतीय दस्तावेज प्राप्त किए गए।
फरहा नाज के पति अयूब खान भारतीय नागरिक हैं और वर्तमान में कतर में कार्यरत हैं।
दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में बागेपल्ली पुलिस ने 11 जुलाई 2026 को एक पाकिस्तानी महिला और उसके बेटे को अवैध रूप से भारत में रहने तथा फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान फरहा नाज और उनके बेटे मोहम्मद फरदीन खान के रूप में हुई है, जो बागेपल्ली तालुक के दासगारेपल्ली गाँव में रह रहे थे।

मामले का पृष्ठभूमि

जाँच के अनुसार, फरहा नाज ने दासगारेपल्ली गाँव के निवासी अयूब खान से विवाह किया था। दंपति के दो बच्चे हैं। अयूब खान वर्तमान में कतर में बस चालक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि फरहा नाज और उनके बच्चे गाँव में रह रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि फरहा नाज और मोहम्मद फरदीन खान दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं।

वीजा उल्लंघन और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद फरहा नाज और उनके बच्चों के वीजा का नवीनीकरण नहीं हुआ, फिर भी वे भारत में रहते रहे। वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से देश में ठहरने की शिकायत मिलने पर बागेपल्ली पुलिस ने माँ और बेटे को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज की। चिकबल्लापुर, बेंगलुरु से लगभग 75 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।

फर्जी दस्तावेजों का आरोप

जाँचकर्ताओं का आरोप है कि भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद दोनों ने कथित तौर पर आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते सहित कई सरकारी दस्तावेज हासिल कर लिए थे। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि दोनों ने मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड के लिए पंजीकरण भी कराया था। अधिकारी इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जाँच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये दस्तावेज किस तरह प्राप्त किए गए।

कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नागरिकता के बिना इस प्रकार के सरकारी दस्तावेज प्राप्त करना अवैध और दंडनीय अपराध है। फिलहाल दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव के बीच देश में पाकिस्तानी नागरिकों की उपस्थिति और वीजा अनुपालन को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ विशेष सतर्कता बरत रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर सका। गौरतलब है कि ये दस्तावेज बायोमेट्रिक और बहु-स्तरीय सत्यापन प्रक्रियाओं से गुजरते हैं — फिर भी यदि आरोप सही हैं, तो प्रणाली में गंभीर चूक हुई। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद देशभर में पाकिस्तानी नागरिकों की जाँच तेज हुई है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस तरह के मामले पहले क्यों नहीं पकड़े गए — और क्या यह एकमात्र मामला है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में गिरफ्तार पाकिस्तानी महिला कौन है?
गिरफ्तार महिला का नाम फरहा नाज है, जो पाकिस्तानी नागरिक हैं। उन्होंने चिकबल्लापुर जिले के दासगारेपल्ली गाँव के निवासी भारतीय नागरिक अयूब खान से विवाह किया था और अपने बेटे मोहम्मद फरदीन खान के साथ वहीं रह रही थीं।
फरहा नाज और उनके बेटे को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद वीजा का नवीनीकरण न होने के बावजूद अवैध रूप से भारत में रहने और आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र तथा बैंक खाते जैसे भारतीय दस्तावेज कथित तौर पर हासिल करने के आरोप में बागेपल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
ऑपरेशन सिंदूर का इस मामले से क्या संबंध है?
पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद फरहा नाज और उनके बच्चों के वीजा का नवीनीकरण नहीं किया गया। इसके बावजूद वे भारत में रहते रहे, जिसके बाद उनके खिलाफ अवैध निवास की शिकायत दर्ज हुई और गिरफ्तारी हुई।
क्या भारतीय नागरिक से शादी करने पर पाकिस्तानी नागरिक को भारतीय दस्तावेज मिल सकते हैं?
नहीं। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना आधार, मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड जैसे दस्तावेज हासिल करना अवैध और दंडनीय अपराध है। इस मामले में दस्तावेजों की प्रामाणिकता और उन्हें प्राप्त करने के तरीके की जाँच की जा रही है।
आगे क्या होगा इस मामले में?
बागेपल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारी कथित दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जाँच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये दस्तावेज किस माध्यम से प्राप्त किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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