क्या बिहार में दो पाकिस्तानी महिलाओं के वोटर आईडी का मामला गंभीर है?

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क्या बिहार में दो पाकिस्तानी महिलाओं के वोटर आईडी का मामला गंभीर है?

सारांश

बिहार में दो पाकिस्तानी महिलाओं के मतदाता पहचान पत्र का मामला सामने आया है, जो वर्षों से भारतीय चुनावों में वोट डालती रही हैं। चुनाव आयोग ने उनके नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह घटना कई सवाल उठाती है कि कैसे विदेशी नागरिक वोटर आईडी धारक बन सकते हैं।

मुख्य बातें

दो पाकिस्तानी महिलाओं के पास मतदाता पहचान पत्र है।
चुनाव आयोग ने नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
महिलाएं भागलपुर में रह रही थीं।
इनके पास आधार कार्ड भी है।
महिलाएं कई वर्षों से भारत में निवास कर रही थीं।

पटना, 23 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दो पाकिस्तानी महिलाओं से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। इन महिलाओं के पास आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र दोनों हैं। चुनाव आयोग ने इन महिलाओं के नाम, जो मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की निवासी हैं, मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। यह जानकारी शनिवार को सूत्रों से प्राप्त हुई।

चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार के भागलपुर में इन पाकिस्तानी नागरिकों के मतदाता पहचान पत्र के संबंध में फॉर्म 7 दाखिल किया गया था और इसे हटाने की प्रक्रिया जारी है।

भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने इस मामले की पुष्टि की।

बिहार के भागलपुर में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान यह जानकारी मिली कि दो पाकिस्तानी महिलाओं के वोटर आईडी जारी थे। ये महिलाएं भागलपुर के भीखनपुर क्षेत्र में निवास करती हैं।

सूत्रों के अनुसार, ये महिलाएं पिछले कई वर्षों से चुनावों में वोट डालती रही हैं, क्योंकि उनके पास वैध वोटर कार्ड थे। इसके साथ ही, इनके पास आधार कार्ड भी था। ये महिलाएं कई दशकों से भारत में निवास कर रही थीं। प्रारंभ में ये तीन महीने के वीजा पर भारत आई थीं, लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वे वापस नहीं गईं। बाद में उन्होंने भागलपुर में शादी कर ली।

जिलाधिकारी ने कहा कि जब यह मामला सामने आया, तो पूरे मामले का गहन वेरिफिकेशन किया गया था। इस प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा गया है।

उन्होंने बताया कि पूरे जिले में लगभग 24 लाख मतदाता हैं। एसआईआर प्रक्रिया के तहत बीएलओ पूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया करते हैं और घर-घर जाकर जांच करते हैं। इस प्रक्रिया के बाद सूची चुनाव आयोग को सौंपी जाती है।

डीएम नवल किशोर चौधरी ने कहा कि हमने बीएलओ और बीएलए के साथ बैठक की है। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई। अब तक यह मामला किसी के संज्ञान में नहीं था।

उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे उचित कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमारे चुनावी सिस्टम में सुरक्षा और सत्यापन की कितनी आवश्यकता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि केवल भारतीय नागरिक ही वोटिंग अधिकार का उपयोग करें। यह मामला हमारे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ये महिलाएं भारत में अवैध रूप से रह रही थीं?
हाँ, ये महिलाएं प्रारंभ में तीन महीने के वीजा पर आई थीं और इसके बाद वे वापस नहीं गईं।
चुनाव आयोग ने क्या कदम उठाए हैं?
चुनाव आयोग ने इन महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
इस मामले में उचित और सुसंगत कार्रवाई की जाएगी, जैसा कि जिलाधिकारी ने बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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