दावणगेरे में पाकिस्तान से संदिग्ध संपर्क वाला आतंकी गिरफ्तार, NIA के इनपुट पर हुई कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के दावणगेरे में 24 जून को पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया, जिसके व्हाट्सएप अकाउंट पर पाकिस्तान से जुड़ी संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित सामग्री मिलने का दावा किया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के इनपुट और निर्देशों के आधार पर चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन में यह गिरफ्तारी संभव हुई।
कौन है आरोपी और कैसे हुई गिरफ्तारी
आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले सुहेल के रूप में हुई है। वह हाल ही में पेंटिंग के काम की तलाश में हरिहर तालुक आया था और हरिहर रूरल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एक गाँव में रह रहा था। दावणगेरे जिला पुलिस और इंटेलिजेंस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने उसे हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, सुहेल के व्हाट्सएप अकाउंट की जाँच में संदिग्ध आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ी सामग्री मिली। यह ऑपरेशन NIA से प्राप्त विशिष्ट इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया।
जयपुर में JeM स्लीपर सेल का भी भंडाफोड़
इससे पहले सोमवार को एक अलग आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक महिला को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम कर रही थी। आरोपी महिला की पहचान बबीता धाकड़ के रूप में हुई, जो कथित तौर पर 'खदीजा' उपनाम इस्तेमाल करती थी।
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि बबीता कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के ज़रिए पाकिस्तानी आतंकवादी संचालकों के संपर्क में थी। जाँच एजेंसियों के अनुसार, वह उन ऑनलाइन समूहों और प्रोफाइलों के संपर्क में आई जिन पर चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का संदेह है।
JeM कमांडर और IC-814 अपहरण से कथित संबंध
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों के फोरेंसिक विश्लेषण में प्रमुख आतंकवादी घटनाओं से जुड़े नेटवर्कों से कथित संबंध उजागर हुए। जाँच टीम ने दावा किया कि बबीता के संपर्क और संचार रिकॉर्ड में JeM कमांडर कारी जरार के नेटवर्क से जुड़े नंबर मिले — कारी जरार का नाम 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले के संदर्भ में सामने आया था।
इसके अलावा, अधिकारियों ने JeM संस्थापक मसूद अजहर के रिश्तेदार यूसुफ अजहर उर्फ गोरी से जुड़े व्यक्तियों के भी कथित संबंध पाए। यूसुफ अजहर पर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण में संलिप्तता का आरोप है।
पाकिस्तान भागने की थी योजना — अधिकारियों का दावा
अधिकारियों का आरोप है कि बबीता इस आतंकी नेटवर्क की एक अहम कड़ी बन चुकी थी और कथित तौर पर सुरक्षा एजेंसियों के हस्तक्षेप से पहले अपने आकाओं द्वारा तय मार्ग से पाकिस्तान भागने की तैयारी में थी। दोनों मामलों में जाँच जारी है और आगे के खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।